टाटा ट्रस्ट कर रही जमशेद जी के सपनों को साकार

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टाटा ट्रस्ट कर रही जमशेद जी के सपनों को साकार , आशीष तनी पूर्ति, अवि मानिकपुरीऔर प्रेमचंद साय ने किया देश का नाम रौशन , छत्तीसगढ़ में भी अब खिलाड़ियों को मिल रहा बेहतर वातावरण

धमतरी | देश का ख्यातनाम टाटा समूह के संस्थापक जमशेद जी टाटा को खेल से बहुत लगाव था। वो खुद एक बहुत उम्दा हॉकी खिलाड़ी थे उन्होंने 1902 में जब जमशेदपुर नगर बसाया तो हॉकी फुटबॉल जैसे खेलों के लिए जमीन का एक बड़ा हिस्सा आरक्षित रखा था। उनकी इस सोच को आगे बढ़ाते हुए नवल टाटा जो कि दिग्गज कारोबारी रतन टाटा के पिता थे उन्होंने भारत में हॉकी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो 15 साल तक हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष रहे उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने 1948, 1952 और 1956 में ओलंपिक स्वर्ण भी जीता। उनका ये सपना था कि झारखंड (तत्कालीन बिहार) और उड़ीसा जैसे पिछड़े और आदिवासी बहुल क्षेत्र में ऐसी बहुत से रत्न हैं जिन्हें यदि तराशा जाये तो वो देश के लिए नायाब कोहिनूर साबित हो सकते हैं। उनके इस सपने को पूरा करने टाटा ट्रस्ट और टाटा स्टील ने मिलकर 2017 में नवल टाटा हॉकी एकेडमी जमशेदपुर एवं 2019 में नवल टाटा हॉकी एकेडमी भुवनेश्वर ( उड़ीसा ) की स्थापना की। इन दोनों ही स्थानों पर अत्यंत गरीब और अति पिछड़े परिवारों के बच्चों को बचपन से ही अपनी एकेडमी में रखकर उन्हें विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान कर एक पेशेवर खिलाड़ी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। एकेडमी को विश्व स्तरीय बनाने के लिए नीदरलैंड की बोवेलेंडर हॉकी एकेडमी के साथ तकनीकी साझेदारी भी की। महज 10 वर्षों के छोटे से कालखंड एकेडमी से जूनियर और सब जूनियर वर्ग की अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाएं निकलने लगी। जल्द ही NTHA महिलाओं के लिए एक अलग एकेडमी भी शुरू करने वाली है। ये ना केवल NTHA के लिए अपितु पूरे भारत के लिए गर्व की बात है कि यहां के खिलाड़ी आशीष तनी पूर्ति एवं प्रेमचंद साय का चयन जापान में होने वाले अंडर 18 एशिया कप टूर्नामेंट के लिए हुआ। उससे भी ज्यादा गौरव की बात यह है कि आशीष तनी पूर्ति ने लगातार तीन मैच में हैट्रिक लगाकर भारत को एशिया कप का स्वर्ण पदक दिलाया। सेमीफाइनल में भारत ने दिग्गज पाकिस्तान की टीम को हराया और फाइनल में जापान की टीम को हराया। आशीष तनी पूर्ति ने पूरे टूर्नामेंट में 13 गोल दागे और वो मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे। राष्ट्रपति मुर्मू जो कि स्वयं उड़ीसा की है तथा अति पिछड़े आदिवासी समाज से आती हैं उन्होंने इस खिलाड़ी को बधाई दी, प्रधानमंत्री मोदी, खेल मंत्री मनसुख मंडाविया सहित अनेक केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों सहित गणमान्य जनों ने इस शानदार प्रदर्शन के लिए टीम और खिलाड़ियों को बधाई दिया। घासफूस की झोपड़ी में रहने वाले झारखंड के खूंटी गांव के एक पत्थर तोड़ने वाले मजदूर के परिवार के छोटे से बच्चे आशीष तनी पूर्ति ने आज देश का नाम रौशन किया तो उसके पीछे टाटा ट्रस्ट का संकल्प और उसके कोच और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से अवि मानिकपुरी का चयन अंडर 18 एशिया कप के लिए होना भी हम सब के लिए अत्यंत गौरव की बात है। हमारे छत्तीसगढ़ और विशेष कर धमतरी के लिए एक और गौरव की बात यह है कि नगर की बेटी स्तुति कविंद्र जैन नवल टाटा हॉकी एकेडमी जमशेदपुर में खेल मनोवैज्ञानिक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही है। आशीष तनी पूर्ति और प्रेमचंद साय भी उन एथलीटों में से है जिन्हें बड़े टूर्नामेंट के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाने स्तुति जैन पेशेवर तरीके से उनकी काउंसिलिंग कर रही है और उनके सेशन्स ले रही है। उन्होंने दोनों ही खिलाड़ियों को अपनी ओर से शुभकामनाएं और बधाई भी प्रेषित करते हुए कहा कि ऐसे सकारात्मक परिणामों से निश्चित रूप से देश में खेलों के लिए वातावरण निर्मित होगा, खिलाड़ियों को मोटिवेशन मिलेगा और टाटा ट्रस्ट जैसी और भी संस्थाएं खिलाड़ियों के निर्माण के लिए आगे आयेंगी। स्तुति का कहना है कि छत्तीसगढ़ में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है केवल आवश्यकता इस बात की है उनको निखारने के लिए सरकार और संस्थाएं आगे आयें। बिना किसी पेशेवर ट्रेनिंग के अवि मानिकपुरी जैसे खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय टीम में अपना स्थान बनाया है। स्तुति ने कहा कि जो कुछ भी उसने सीखा है उसका लाभ भविष्य में छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा जैसे इलाकों में रहकर वहां की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए देना चाहती है। छत्तीसगढ़ से भी विभिन्न खेलों में पेशेवर और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी निकल सके इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा। राजनांदगांव में खेल एकेडमी शुरू हुई हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से भी छत्तीसगढ़ में अब खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण मिलने लगा है उम्मीद है कि अब छत्तीसगढ़ भी खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में सफल हो सकेगा।