जन सहयोग से मिलने वाले संसाधनों से बच्चों के प्रशिक्षण और स्कूल संचालन में होती है सुविधा – सरिता

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सार्थक स्कूल को भेंट की गई अलमारी

धमतरी | दुर्ग के स्व. पुखराज, उत्तमचंद,विजय कुमार श्रीश्रीमाल परिवार की ओर से तीन माह पूर्व दिवंगत हुईं, अपने परिवार की वरिष्ठ सदस्य स्व. मोहनी बाई की स्मृति में सार्थक स्कूल धमतरी को स्टील की एक बड़ी अलमारी भेंट की गई।
स्व. मोहनी बाई की पौत्री एवं धमतरी की बहू श्रीमती श्रद्धा -आशीष लुंकड़ अपने बेटे आयुष के साथ सार्थक स्कूल पहुँची। वहाँ स्कूल के बच्चों ने पुष्प -बंच देकर और गीत गाकर उनका स्वागत किया। उन्हें बच्चों द्वारा यह स्वागत बहुत पसंद आया।

अपनी स्वर्गीय दादी के विषय में श्रद्धा ने बताया कि,96 वर्ष तक तक वे स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन जीती रहीं।
और एक बहुत बड़े संयुक्त परिवार की मुखिया के तौर पर स्व मोहनी बाई ने परिवार में सबको आपस में सगेपन के रिश्ते में मजबूती से बांधे रखा। और यही कारण है कि, आज तक सभी चचेरे भाई, बहन को अपने पराए जैसा अंतर कभी महसूस नहीं हुआ। आयुष लुंकड़ ने कहा उन्हें स्कूल के बच्चों से मिलकर बहुत अच्छा लगा।
उसके पश्चात श्रीमती श्रद्धा एवं आयुष ने श्रीश्रीमाल परिवार दुर्ग के सौजन्य से दी जा रही एक स्टील की अलमारी की चाबी सार्थक के वरिष्ठ सदस्य मदनमोहन खंडेलवाल को सौंपी।
संस्था की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि, ऑफिस के महत्वपूर्ण कागजातों और जरूरी वस्तुओं की संभाल के लिए उन्हें यह अलमारी बहुत उपयोगी होगी। इस प्रकार के जन सहयोग से मिलने वाले संसाधनों से उन्हें बच्चों के प्रशिक्षण और स्कूल संचालन में बहुत सुविधा हो जाती है।
सार्थक की सचिव ने स्कूल आये अतिथियों और दानदाता परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रशिक्षक सुधा पुरी गोस्वामी, मैथिली गोड़े, मुकेश चौधरी ,स्वीटी सोनी, देविका दीवान,सुनैना गोड़े उपस्थित थे।

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