कलेक्टर ने किया सघन दौरा नदी किनारे बसे गांवों का ,ग्रामीणों से की चर्चा

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नदी किनारे बसे गांवों का कलेक्टर ने किया सघन दौरा,ग्रामीणों से चर्चा कर शासकीय योजनाओं की प्रगति की ली जानकारी,मनरेगा के तहत मिश्रित वृक्षारोपण कार्य का लिया जायजा,बिहान समूह को अतिरिक्त आय के लिए की हौसला अफजाई

धमतरी | कलेक्टर  जय प्रकाश मौर्य ने आज धमतरी ज़िले के नदी किनारे बसे गांवों का सघन दौरा किया। इस दौरान बारिश के मौसम में इन गांवों की भूगौलिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों से चर्चा भी की। वे एक ओर जहां धमतरी विकासखंड के महानदी किनारे बसे ग्राम दर्री और भरारी पहुंचे , वहीं मगरलोड के अंतिम छोर में पैरी नदी के तट पर बसे ग्राम परसाबूढ़ा और कपालफोड़ी का भी दौरा किए।


मगरलोड की पंचायत परसाबूढ़ा में मनरेगा, कृषि और उद्यानिकी विभाग के अभिसरण से तीन एकड़ क्षेत्र में मिश्रित वृक्षारोपण किया जाना है। बिहान समूह की महिलाओं द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनकी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि इन 12 सदस्यीय जय मां शारदा समूह द्वारा सब्जी भाजी भी लगाकर अतिरिक्त आय की योजना है । किन्तु मैदान समतल नहीं है। इस पर कलेक्टर ने मौके पर कृषि विभाग के sado को जोताई कराने के निर्देश दिए। अभी यहां फेंसिंग और 596 फलदार पौधे लगाने के लिए गोदी खोदने का काम मनरेगा से किया गया है। कलेक्टर ने समूह को पूरे मन से रोपे जानेवाले पौधों की देखरेख के साथ साग – सब्जी लगाने की समझाइश दी, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी मिल सके। साथ ही गांव की दूसरी छोर में मनरेगा से 11 लाख की

लागत से बनाए गए गौठान में प्राकृतिक रूप से क्षेत्र में मिले पत्थरों का बेहतरीन तरीके से उपयोग करने पर काफी सराहा। यहां स्थानीय तौर पर मिले पत्थरों को बाउंड्री के रूप में इस्तेमाल किया गया है।इसके साथ ही पैरी नदी किनारे बसे ग्राम कपालफोड़ी में 5 एकड़ में मनरेगा, उद्यानिकी और कृषि विभाग के अभिसरण से फलदार मिश्रित पौधे रोपे जा रहे। गत वर्ष यहां 2.5 एकड़ में 640 पौधे लगाए गए और इसकी देखभाल की ज़िम्मेदारी बिहान के दो समूह जय मां सरस्वती और जय मां काली की लगभग 20 महिलाओं को दी गई। इस समूह ने कलेक्टर से चर्चा के दौरान बताया कि मई माह में उन्होंने खाली ज़मीन में साग-सब्ज़ी लगाई इससे उन्हें अतिरिक्त आय हुआ । किन्तु सिंचाई की समस्या है ,उन्हें पास में बने गौठान से पानी लाना पड़ता है। इस पर मौके पर उपस्थित ज़िला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता गांधी ने बताया कि यहां ज़िला खनिज न्यास निधि से बोर स्वीकृत किया गया है और सरपंच को अगले सोमवार तक हर हाल में यहां बोर खनन करने कहा गया। इसके साथ ही बाजू के गौठान में वर्मी , गोबर खाद नाडेप टंकी इत्यादि गतिविधियां संचालित करने की जिम्मदारी समूह को देने के निर्देश कलेक्टर ने मौके पर दिए, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय हो सके । बताया गया कि शेष 2.50 एकड़ में इस साल मिश्रित फलों के पौधे लगाए जाएंगे जिसकी देख-रख का ज़िम्मा जय मां अन्नपूर्णा समूह को सौंपा जायेगा। कलेक्टर ने मौके पर समूह की सदस्यों की हौसला अफजाई करते हुए अच्छे से काम करने कहा। ध्यान देने वाली बात यह है कि मिश्रित पौधरोपण में जहां उद्यानिकी विभाग सब्जी बीज, पौधे और तकनीकी सहायता दे रहा वहीं कृषि विभाग भी अरहर, मूंग, मूंग फल्ली, रागी अलग अलग जगह आवश्यकता अनुरूप अंतर्वर्ती फसल के रूप में उपलब्ध करा रहा है।


आज इससे पहले कलेक्टर ने धमतरी विकासखंड में महानदी किनारे बसे गांव दर्री और भरारी का भी दौरा किया था। यहां ग्रामीणों से मौके पर चर्चा कर कृषि कार्यों और अन्य गतिविधियों की जानकारी ली । ग्राम भरारी ,जहां की आबादी लगभग 680 है वहां केवल दो बच्चे माध्यम कुपोषित होने की जानकारी ग्रामीणों ने दी । यह भी बताया कि इन्हें गांव के ही एक व्यक्ति ने गोद लिया है। इसे कलेक्टर ने काफी सराहा और उम्मीद जताई कि यदि सभी कृत संकल्पित होकर कुपोषण मिटाने में सहयोग करें तो निश्चितरूप से सफलता मिलेगी। इसके साथ ही स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा, राशन की उपलब्धता की भी जानकारी कलेक्टर ने ग्रामीणों से ली। बताया गया कि दो मितानिन गांव में कोविड19 के तहत 4 वर्गों में लोगों का सर्वे का काम कर चुकी हैं। इस पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को कोरोना को लेकर एहतियात बरतने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री मौर्य के साथ सघन दौरे में सीईओ ज़िला पंचायत के अलावा कृषि, उद्यानिकी , जनपद का मैदानी अमला मौजूद रहा।