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धमतरी: नवागांव (क.) के सरपंच पर वित्तीय गबन और भ्रष्टाचार का आरोप, पंचों ने कलेक्टर से की धारा 40 के तहत कार्रवाई की मांग

धमतरी। धमतरी जिले एक ग्राम पंचायत नवागांव (क.) के सरपंच लखन लाल ध्रुव पर भ्रष्टाचार, वित्तीय गबन और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। पंचायत के पंचों ने एकजुट होकर इस मामले की शिकायत सीधे कलेक्टर जिला धमतरी से की है। पंचों ने एक लिखित आवेदन सौंपकर सरपंच के खिलाफ छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत तत्काल कार्रवाई करने और पद से पृथक करने की मांग उठाई है।

कलेक्टर कार्यालय धमतरी में 17 जून 2026 को दर्ज कराए गए इस आवेदन में पंचों ने सरपंच लखन लाल ध्रुव की गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया है। पंचों का आरोप है कि पंचायत के फंड का जमकर दुरुपयोग किया गया है।

टैक्स के पैसों का गबन और फर्जी बिल का खेल

पंचों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, सरपंच ने टैक्स के रूप में इकट्ठा हुए पैसों का फर्जी बिल बनाकर आहरण (विड्रॉल) कर लिया है। धरातल पर न तो कोई विकास कार्य हुआ है और न ही पंचायत के लिए कोई सामान खरीदा गया है। पूरा पैसा कागजों पर ही ठिकाने लगा दिया गया।

मोटर खरीदी में एक ही बिल से दोबारा भुगतान

शिकायत में सामान खरीदी में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया है। आरोप है कि सरपंच द्वारा 5 HP की मोटर खरीदी गई थी, जिसका पहला भुगतान 82,535 रुपये की राशि के रूप में 15 अक्टूबर 2025 को किया गया। इसके बाद, ठीक उसी तरह का हूबहू फर्जी बिल दोबारा 23 फरवरी 2026 को बनाकर 79,690 रुपये का एक और भुगतान कर दिया गया। पंचों का कहना है कि पहले बिल का सामान तो आया, लेकिन दूसरे बिल का कोई सामान नहीं आया और केवल पैसा गबन करने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया गया।

मूलभूत राशि का दुरुपयोग और पंचों की उपेक्षा

सरपंच पर पंचायत अधिनियम की अवहेलना करने और पंचों को किसी भी विकास कार्य की सूचना या हिसाब न देने का आरोप है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन से तीन किश्तों में कुल 2,14,971 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। आरोप है कि सरपंच ने पंचों को केवल 1 किश्त की जानकारी दी। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद जब हिसाब मांगा गया, तब पता चला कि शासन से तीन बार पैसा आया था, जिसका दुरुपयोग कर लिया गया है। वर्तमान में सरपंच इसका हिसाब देने में असमर्थ हैं।

बिना सहमति के प्रस्ताव और रोजगार गारंटी में भाई-भतीजावाद

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरपंच बिना किसी पंचायत मीटिंग या पंचों की सहमति के अपनी मर्जी से किसी भी ठेकेदार या अन्य व्यक्ति को प्रस्ताव दे देते हैं। इसके अलावा, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में भी बड़ा भेदभाव किया जा रहा है। आरोप है कि आम जनता को भले ही काम न मिले, लेकिन सरपंच द्वारा अपनी पत्नी का नाम हर हफ्ते मस्टर रोल में डाला जाता है और सरकारी पैसे का लाभ उठाया जा रहा है।

वित्तीय खातों पर रोक और निष्पक्ष जांच की मांग

ग्राम पंचायत नवागांव (क.) के समस्त पंचगणों जिनमें उपसरपंच जीवन डहरिया, भोला राम साहू, रेखराम साहू, रविशंकर साहू, राजेन्द्र कुमार सिन्हा, जितेन्द्र कुमार डहरिया, रही बाई साहू, उर्वशी साहू, मेनका साहू, हेमलता टोनडे, नागेश्वरी साहू, प्रेमलता बांधे और प्रेमलता सिन्हा शामिल हैं ने हस्ताक्षर कर कलेक्टर से निष्पक्ष उच्चाधिकारी द्वारा स्थलीय जांच कराने का निवेदन किया है। पंचों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक पंचायत के सभी वित्तीय खातों पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषी सरपंच को पद से हटाया जाए।

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