गरीबों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं: तारिणी चंद्राकर ने आवास योजना में गड़बड़ी पर खोला मोर्चा

11

प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप: पात्र गरीबों के नाम कटने पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, 15 दिन में जांच नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

धमतरी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में प्रशासनिक अनियमितताओं और पात्र गरीब परिवारों के नाम सूची से हटाए जाने के विरोध में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए तारिणी चंद्राकर ने राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में वास्तविक जरूरतमंद और गरीब परिवारों के नाम मामूली तकनीकी कारणों का हवाला देकर सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इसे गरीबों के साथ अन्याय और क्रूर मजाक बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की कुछ ग्राम पंचायतों में सरपंच और उपसरपंच शासन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और मनमाने तरीके से पात्रता सूची तैयार की जा रही है। साथ ही प्रशासन भी इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत मेडरक्का, नरधा और सेमरा सहित कई पंचायतों में प्रभावशाली लोगों के नाम आवास सूची में शामिल हैं, जबकि वास्तविक गरीब परिवार वंचित रह गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक संबंधित हितग्राहियों के खातों में राशि जारी नहीं करने की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनदर्शन में अपनी समस्याएं लेकर हजारों लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन कलेक्टर उपस्थित नहीं थे। उनका कहना था कि पिछले सप्ताह के जनदर्शन में भी कलेक्टर अनुपस्थित रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। तारिणी चंद्राकर ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी नहीं हुई और वास्तविक पात्र परिवारों को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी