गट्टासिल्ली में कृषि आधारित अधोसंरचना को मिलेगी नई गति : कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा

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एफपीओ, प्रस्तावित फूड पार्क का किया निरीक्षण, किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय रोजगार सृजन पर दिया जोर

धमतरी । कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में जिला प्रशासन धमतरी लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज नगरी विकासखंड के ग्राम गट्टासिल्ली पहुंचकर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ), प्रस्तावित फूड पार्क केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन एवं मूल्य संवर्धन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एफपीओ के माध्यम से संचालित गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को अब तक 60 क्विंटल हल्दी बीज का वितरण किया जा चुका है तथा लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में नगरी दुबराज धान के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही सूरजमुखी की फसल तैयार हो चुकी है, जिसकी पैकेजिंग एवं विपणन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि एफपीओ किसानों को संगठित कर उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक संसाधन एवं अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा रही है, ऐसे में एफपीओ को इनका प्रभावी उपयोग करते हुए कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन एवं विपणन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गट्टासिल्ली में नव-निर्मित सामुदायिक भवन का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को इस भवन का उपयोग बैंक शाखा स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्र के किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिले। इसके पश्चात कलेक्टर ने गट्टासिल्ली में प्रस्तावित फूड पार्क के लिए आरक्षित स्थल का निरीक्षण किया तथा स्थानीय व्यापारियों एवं संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने वन उपज प्रसंस्करण केंद्र एवं कोल्ड स्टोरेज की स्थापना के लिए भूमि आरक्षित कर इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फूड पार्क की स्थापना से कृषि एवं लघु वनोपज का वैज्ञानिक प्रसंस्करण, सुरक्षित भंडारण, बेहतर विपणन तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। कलेक्टर ने पुराने रीपा केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां स्थापित मशीनों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आवश्यक मरम्मत कर मशीनों को पुनः क्रियाशील बनाने तथा केंद्र का उपयोग स्वरोजगार एवं ग्रामीण आजीविका गतिविधियों के लिए प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण युवाओं एवं महिला समूहों के लिए आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जाएं। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कौशिक, एसडीएम सुश्री प्रीति दुर्गम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विमल साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी श्री रोहित बोर्झा, तहसीलदार श्रीमती ख्याति कंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।