Home Latest संकट में संबल स्किल डेवलपमेंट सेंटर बना सहारा

संकट में संबल स्किल डेवलपमेंट सेंटर बना सहारा

बाढ़ प्रभावित 15 परिवारों के 54 सदस्य सुरक्षित राहत शिविर में, भोजन से लेकर विश्राम तक जिला प्रशासन ने संभाली जिम्मेदारी

धमतरी । लगातार बारिश और जलभराव के बीच धमतरी जिला प्रशासन ने आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 15 परिवारों के 54 सदस्यों को सुरक्षित निकालकर धमतरी के कोलियरी स्थित स्किल डेवलपमेंट सेंटर (मधुरिमा) में बनाए गए राहत शिविर में ठहराया गया है। संकट के समय स्किल डेवलपमेंट सेंटर बना सहारा सहारा बना ।

राहत शिविर में पहुंचने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा शिविर में ठहरने, विश्राम, भोजन, चाय-नाश्ता, पेयजल एवं स्वच्छता जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक एवं मैदानी अमला लगातार उनकी सहायता में जुटा हुआ है।

आपदा के समय प्रभावित लोगों को केवल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपनापन और भरोसे का वातावरण देना भी जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ राहत शिविर में रह रहे परिवारों की आवश्यकताओं की नियमित जानकारी ली जा रही है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी संबंधित अमले को सक्रिय रखा गया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा एवं एसडीएम धमतरी श्री पीयूष तिवारी द्वारा राहत शिविर की व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारी प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ले रहे हैं तथा संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं।

जिला प्रशासन की यह तत्परता यह सुनिश्चित कर रही है कि प्राकृतिक आपदा के इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक और संवेदनशील वातावरण भी मिले। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है और परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन की अपील है कि नागरिक जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं बचाव दल का सहयोग करें।

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