माउंट एवरेस्ट की दुर्गम पहाड़ियों पर 5364 मीटर की कठिन चढ़ाई कर जीत का झंडा लहरा कर पूरे देश को गौरवान्वित करने वाली चंचल सोनी व रजनी जोशी का मानसिक दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र सार्थक स्कूल धमतरी में सम्मान किया गया।
रुद्री स्थित एक्ज़ेक्ट फाउंडेशन की छात्राएं चंचल सोनी, बचपन से ही एक पैर से दिव्यांग है और रजनी जोशी दृष्टिबाधित है।
धमतरी | कार्यक्रम की प्रथम कड़ी में सार्थक के सदस्यों, प्रशिक्षकों और बच्चों द्वारा चंचल और रजनी को सैश पहनाकर और फूलों की वर्षा करते हुए तथा ” पहले से ज्यादा खुशी आज तक नहीं मिली” गीत गाकर स्कूल के भीतर प्रवेश कराया गया,सार्थक की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ने चंचल , रजनी और उनकी प्रशिक्षक देवश्री जोशी से सभी का परिचय करवाया। और कहा कि, धमतरी की दोनों जाँबाज़ बेटियां दुनिया के समक्ष प्रेरणा की सबसे अच्छी उदाहरण है, दोनों पर्वतरोहियों ने अपना संस्मरण बताते हुए कहा, एवरेस्ट चढ़ते समय बहुत कठिनाइयां आई जैसे, स्नोफॉल होना, ऑक्सीजन का कम होना पर धैर्य , साहस और कोच सर के मार्गदर्शन से हौसला बना रहा और सफलता प्राप्त हुई।

कार्यक्रम का संचालन सचिव स्नेहा राठौड़ ने किया इस अवसर पर गौरव लोहाना, सुभाष मलिक, प्रशिक्षक मैथिली गोड़े ,गीतांजलि गुप्ता, मुकेश चौधरी ,स्वीटी सोनी, देविका दीवान, सुनैना गोडे उपस्थित थे।