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भूजल स्तर एवं भूजल संबंधी विषयों पर तीन दिवसीय कार्यशाला की हुई शुरूआत

भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भूजल मुद्दों से निपटने की तकनीकियों से कराया गया अवगत

कार्यशाला में बताई गई बातें मैदानी स्तर पर कार्य करने में होंगी सहायक-कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी

धमतरी | जिले में लगातार गिरते हुए भू जल स्तर एवं भू जल से सम्बंधित विषयों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, केन्द्रीय जल बोर्ड द्वारा आज जिला पंचायत सभाकक्ष में स्थानीय स्तर पर भूजल प्रबंधन के सम्बंध में तीन दिवसीय द्वितीय कार्यशाला की शुरूआत की गई। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने कहा कि नगरीकरण और औद्योगिकीरण की तीव्र गति व बढ़ता प्रदूषण तथा जनसंख्या में लगातार वृद्धि के साथ प्रत्येक व्यक्ति के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है कई हिस्सों में पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है। हर साल यह समस्या पहले के मुकाबले और बढ़ती जाती है, लेकिन हम हमेशा यही सोचते हैं बस जैसे-तैसे गर्मी का सीजन निकाल जाये बारिश आते ही पानी की समस्या दूर हो जायेगी और यह सोचकर जल सरंक्षण के प्रति नागरिक उदासीन हो जाते हैं। आज आयोजित इस कार्यशाला में आप सभी को जल संरक्षण के संबंध में जो बातें बताई जायेंगी, वह आपको मैदानी स्तर में कार्य करने में सहायक होंगी। आप सभी कार्यशाला में बताई गई बातों को गंभीरता से सुनें और समझें।

कार्यशाला में रिजनल डायरेक्टर श्री प्रवीर कुमार नायक ने वर्षा जल संचयन, गिरते हुए जल स्तर के लिए कृत्रिम पुनर्भरण तथा जिले में स्थानीय स्तर पर भूजल मुद्दों से निपटने की तकनीकियों से अवगत कराया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पानी के अनियमित दोहन के कारण भूजल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। इसके लिए आवश्यक है कि हम सभी पानी का सही उपयोग करना सीखें। कार्यशाला में वैज्ञानिक सुश्री प्रियंका सोनबरसे ने पावर प्वाईंट प्रजेंन्टेशन के जरिए भूजल के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री रोमा श्रीवास्तव, आयुक्त नगर निगम धमतरी श्री विनय पोयाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला में धमतरी शहर में किये जा रहे NAQUIM अध्ययन की बारिकी से चर्चा की गई। साथ ही जल प्रदूषण एवं जल की समस्या के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी।

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