नई दिल्ली| भारतीय शिपिंग कारोबार में चीन के दबदबे को ध्वस्त करने की दिशा में शिपिंग मिनिस्ट्री ने एक तीन सूत्रीय फ़ैसला लिया है. इस फ़ैसले से एक ओर चीन के जहाज भारतीय कार्गो बाज़ार से बाहर हो जाएंगे दूसरी ओर देशी शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री का तेज़ विकास सुनिश्चित होगा. ये फ़ैसला मेक इन इंडिया के अंतर्गत लिया गया एक बड़ा निर्णय है. मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए शिपिंग मिनिस्ट्री ने फ़ैसला लिया है कि अब कोयला और क्रूड ऑयल आदि सभी कार्गो ठेकों को देने में ‘भारत में बने हुए’ शिप को प्राथमिकता दी जाएगी. यानी जो ठेकेदार माल को भारत में बनी शिप से ले जाएगा उसे ठेका देने में वरीयता दी जाएगी. तीन तरह की प्राथमिकताएं 