दादा की पुण्य स्मृति में साकेत एवं शिवरंजनी ने की प्रेरणादायी जनसेवा

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1600 राहगीरों को पारंपरिक कुल्हड़ों में पिलाया गया शीतल एवं स्वास्थ्यवर्धक मठा

धमतरी | सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश देते हुए साकेत एवं श्रीमती शिवरंजनी श्रीवास्तव ने अपने दादा स्व. डॉ. एस. के. श्रीवास्तव की पुण्य स्मृति तथा दादी श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, माता श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव एवं पिता श्री सलिल श्रीवास्तव के सम्मान में राहगीरों के लिए शीतल एवं स्वास्थ्यवर्धक मठा सेवा का आयोजन किया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य में लगभग 1600 राहगीरों को स्नेह एवं आत्मीयता के साथ मठा प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि मठा वितरण   के लिए पारंपरिक मिट्टी के कुल्हड़ों का उपयोग किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचा। मिट्टी के कुल्हड़ भारतीय संस्कृति, स्वदेशी परंपरा और प्रकृति के प्रति सम्मान के प्रतीक हैं। इनके उपयोग से प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री के प्रयोग में कमी आती है तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है। मठा सेवा के दौरान साकेत एवं शिवरंजनी की सक्रिय सहभागिता और आत्मीय व्यवहार ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। युवा पीढ़ी में ऐसे संस्कार और जनसेवा के प्रति समर्पण को देखकर उपस्थित लोगों ने उनकी सराहना की तथा उन्हें अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।राहगीरों ने इस सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में शीतल एवं स्वास्थ्यवर्धक मठा शरीर को बहुत ताजगी प्रदान करता है, कुछ लोगों ने कहा कि, स्वजनों की स्मृति को जनसेवा से जोड़ना वास्तव में अनुकरणीय एवं प्रेरणादायक पहल है।इस आयोजन को सफल बनाने में श्रीमती शांति खत्री, श्रीमती धनवती किरी, बिपिन दोशी, श्रीमती वर्षा खंडेलवाल, श्रीमती सुलेखा जोशी, स्नेहा राठौड़ ,सरिता दोशी, संतोष साहू,रीना जैन, राजा साहू एवं रिजवान अली का विशेष सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता रही।