Home Latest  जिले के अंतिम छोर बसे गांवों का कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण 

 जिले के अंतिम छोर बसे गांवों का कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण 

 मारागांव, बोईरगांव, सिंगपुर, मोहेरा में स्कूल, आंगनबाड़ी सहित पीएम आवास योजना के कार्यों का किया अवलोकन, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से की रू-ब-रू चर्चा, 
 मारागांव से नगरी मार्ग में टूटे हुए पुलिया की मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार करने के दिए निर्देश 
धमतरी | कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी और सीईओ जिला पंचायत सुश्री रोमा श्रीवास्तव ने बीते दिन जिले के अंतिम छोर में बसे गांवों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मारागांव, बोईरगांव, सिंगपुर और मोहेरा में स्कूल, आंगनबाड़ी सहित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कार्यों का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से रू-ब-रू चर्चा की और इन निर्माण कार्यों को तत्काल शुरू करने कहा। इसके साथ ही ग्राम देव कुड़िया में स्वीकृत 40 आवासों को जल्द से जल्द पूरा करने कहा। कलेक्टर सुश्री गांधी ने ग्राम पंचायत के सचिव को विशेष रूचि लेते हुए अप्रारम्भ निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। प्राथमिक स्कूल सिंगपुर के निरीक्षण के दौरान स्कूल में संधारित पंजी, विद्यार्थियों की उपस्थिति इत्यादि के बारे में जानकारी ली।
कलेक्टर ने मारागांव के बड़ेपारा, सिंगपुर और देव कुड़िया में आंगनबाड़ियों का निरीक्षण किया। उक्त गांवों में नए आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत हुए हैं। इसके मद्देनजर कलेक्टर सुश्री गांधी ने पुराने भवनों को डिस्मेंटल करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी में पहुंचे नन्हें-मुन्ने बच्चों से बातचीत की और प्रसन्नता व्यक्त की। जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम मारागांव से नगरी 27 किलोमीटर मार्ग में पुलिया टूटा हुआ है। कलेक्टर सुश्री गांधी ने उक्त पुलिया का अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारी को उक्त पुलिया का मुआयना कर प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर मगरलोड के स्वामी आत्मानंद स्कूल भैंसमुंडी में आयोजित बैठक में पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने 29 हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्य, व्याख्याता, एसएमडीसी अध्यक्ष, सदस्य और सरपंच की उपस्थिति में मिशन अव्वल के तहत हर महीने होने वाले परीक्षा परिणाम की समीक्षा की। कलेक्टर ने स्कूल के परीक्षा परिणामों में जो कमी रह गई है, उसे दूर करने के लिए रणनीति बनाकर अगली बार बेहतर परिणाम हेतु और अधिक प्रयास करने कहा।
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