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छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिला धमतरी ने मुख्यमंत्री एवं विभागीय अधिकारियों के नाम सौंपा ज्ञापन

युक्तियुक्तकरण की त्रुटिपूर्ण नीतियों का किया विरोध, ऑनलाइन अवकाश की व्यवस्था को संशोधन करने की मांग, पूर्व सेवा गणना करने की किया गया मांग , कुल 20 वर्ष की पूर्ण सेवा में पुरानी पेंशन प्रदान करने की मांग

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिला धमतरी के बैनर तले दिनांक 22 अगस्त को प्रांतीय निर्देशानुसार जिला संचालक डॉ. भूषण लाल चंद्राकार दिनेश पांडे दौलत राम ध्रुव के नेतृत्व में अपनी प्रमुख मांगो त्रुटि पूर्ण युक्तियुक्तकरण भीम का विरोध, युक्तियुक्त कारण के पूर्व समस्त पदों पर पदोन्नति ऑनलाइन अवकाश प्रक्रिया में संशोधन एवं पूर्व सेवा गणना क्रमंगत वेतनमान सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने पूर्ण पेंशन की व्यवस्था बनाने हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री व शिक्षा सचिव के नाम से कलेक्टर जिला धमतरी की प्रतिनिधि के रूप में अपर कलेक्टर मरकाम तथा जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी तर जगदाले को ज्ञापन सौंपा गया। चर्चा में पदाधिकारी ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभी जारी त्रुटि पूर्ण युक्ति उपकरण प्रक्रिया के पूर्व शिक्षा विभाग के समस्त पदों प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक, प्रधानपाठक (प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक) के पदों पर पहले पदोन्नति किया जाए। शिक्षा विभाग के सेटअप 2008 के अनुसार माध्यमिक शालाओं में न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया था। इसी तरह प्राथमिक शालाओं में न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक प्रदोष करने का नियम बनाया गया था और इसी के आधार पर भर्ती व पदोन्नति विभाग द्वारा की गई है। जबकि अभी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार से प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में एक-एक पद घटा दिया गया है। एक पद घटाने से एक शिक्षक तो स्वमेव अतिशेष हो जाएंगे। यह नियम व्यवहारिक नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लंघन है। अतः 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण नियम में माध्यमिक शाला में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर भी एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जाए। इसी तरह प्राथमिक शाला में न्यूनतम विद्यार्थी संख्या पर भी एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक का सेटअप स्वीकृत किया जाए। इसी प्रकार से एक ही परिसर में स्थित शालाओं को मर्ज करने से प्राथमिक शाला प्रधान पाठक माध्यमिक शाला प्रधान पाठक के स्वतंत्र अस्तित्व अधिकार तथा कार्य प्रणाली पर अतिक्रमण किया जा रहा है जो कतई उचित नहीं हैं। शिक्षक के पद घटकर शैक्षिक गुणवत्ता की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।

अन्य समस्याओं के साथ प्रमुख मांगों में ऑनलाइन अवकाश की व्यवस्था के तहत मेडिकल अवकाश, अर्जित अवकाश, संतान पालन अवकाश लेने के एक सप्ताह के अंदर एडुपोर्टल में ऑनलाइन एंट्री का ऑप्शन दिया जाए। आकस्मिक अवकाश व ऐच्छिक अवकाश को ऑफलाइन आवेदन देने की प्रक्रिया को पूर्ववत यथावत रखा जाए। पूर्व सेवा की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से सही वेतन का निर्धारण कर सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नति वेतनमान का निर्धारण कर पुरानी पेंशन निर्धारित करें एवं कुल 20 वर्ष की पूर्ण सेवा में पुरानी पेंशन प्रदान किया जाए। इस अवसर पर प्रदेश उपसंचालक देवनाथ साहू, सहसंचालक हुलेश चंद्राकर, जिला उपसंचालक बलराम तारम, राजेश यादव,राजकुमार क्षत्रिय,बी.यदु, तुमेश्वरी साहू, रामदयाल साहू, राहुल नेताम, नवीन जाचक, अभिषेक सिंह, चेतन साहू, शिवेंद्र साहू, रामप्रसाद नाग, लीलाराम कुर्रे, प्रमोद चंद्राकर, जसवंत साहू, कंवल राम साहू, फणेद्र शांडिल्य, ब्लॉक संचालक गण धमतरी गेवाराम नेताम, कुरूद दिनेश कुमार साहू, लुकेश राम साहू, रामेश्वर साहू, सहसंचालक गण हरीश कुमार साहू, धर्मेंद्र कुमार साहू ,दुष्यंत सिन्हा, हृदय रामटेके, हेमंत डेकाटे, भगवती सोनी, शीतल नायक, पालनहार मेश्राम, दिनेश कुमार नेताम, लीलाराम साहू, लालाराम साहू कपिल देशलहरा, मनोज टंडन, गुलाबचंद मेश्राम, मनोज साहू, चुन्नू सिंह साहू, संतोष मंडावी, मस्त राम महंत, फालेश कुर्रे, प्रकाश चंद साहू, गजानंद सोन, चम्पेश्वर साहू, हरिशंकर सेन, विजय निषाद, चेतन साहू, अगेश्वर साहू, सहित बड़ी संख्या में शिक्षक संवर्ग उपस्थित थे।

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