विपक्षी दलों के सात मुख्यमंत्रियों के साथ सोनिया गांधी की मीटिंग, केंद्र से JEE-NEET की परीक्षा रोकने की मांग

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नई दिल्ली|अपने दल के भीतर ही खेमेबाजी का सामना कर रहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्षी दलों को साथ लाने की दिशा में बड़ी पहल की है। इस पहल में उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पूरा साथ मिला है। दोनों नेता इंजीनियरिंग और मेडकिल के पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का कोरोना काल में आयोजन समेत कई मुद्दों पर पूरे विपक्ष को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास कर रही हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ सात विपक्षी राज्यों के सीएम की मीटिंग में परीक्षा और जीएसटी कंपेनसेशन का मुद्दा उठा। सभी सीएम ने केंद्र सरकार से परीक्षा की तारीख को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी वर्चुअल मीटिंग में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी को लेकर संदेह जाहिर किया जा रहा था।


मीटिंग में सोनिया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP, 2020) पर भी चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति संबंधी घोषणाओं से हम सच में चिंतित होना चाहिए क्योंकि यह वाकई बड़ा झटका है। विद्यार्थियों और परीक्षाओं से संबंधित समस्याओं पर भी बहुत लापरवाही भरा रवैया सामने आ रहा है।’ उन्होंने जीएसटी कंपेनसेशन देने को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से व्यक्त की गई असमर्थता को राज्यों के साथ विश्वासघात करार दिया। सोनिया ने कहा, ’11 अगस्त को वित्त मामलों पर संसद की स्थाई समिति की मीटिंग में वित्त सचिव ने कहा था कि केंद्र सरकार इस वर्ष 14% जीएसटी कंपेनसेशन का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है। यह इनकार मोदी सरकार की तरफ विश्वासघात के सिवा और कुछ नहीं है।