राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि को आतंकवादी विरोध दिवस के रूप में मनाया गया

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राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि को आतंकवादी विरोध दिवस के रूप में मनाया गया

धमतरी | पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी के 30 वी पुण्यतिथि के अवसर नगर पालिक निगम धमतरी में महापौर, सभापति, पार्षद, एल्डरमेन व समस्त अधिकारी, कर्मचारियों के द्वारा राजीव गांधी के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित व माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान महापौर ने उपस्थित जनों को शपथ दिलाई कि हम भारतवासी अपने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परंपरा में दृढ़ विश्वास रखते हैं तथा निष्ठा पूर्ण शपथ लेते हैं कि हम सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करते हैं हम मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति सामाजिक सद्भाव तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की शपथ लेते हैं।

तत्पश्चात राजीव गांधी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए महापौर विजय देवांगन ने कहा कि स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले राजीव गांधी देश को दुनिया की उच्च तकनीकों से पूर्ण करना चाहते थे। वे बार-बार कहते थे कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के साथ ही उनका अन्य बड़ा मक़सद इक्कीसवीं सदी के भारत का निर्माण है। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने देश में कई क्षेत्रों में नई पहल की, जिनमें संचार क्रांति और कम्प्यूटर क्रांति, शिक्षा का प्रसार, 18 साल के युवाओं को मताधिकार, पंचायती राज आदि शामिल हैं। वे देश की कम्प्यूटर क्रांति के जनक के रूप में भी जाने जाते हैं। वे युवाओं के लोकप्रिय नेता थे। उनका भाषण सुनने के लिए लोग घंटों इंतज़ार किया करते थे। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री काल में कई ऐसे महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए जिसका असर देश के विकास में देखने को मिल रहा है। आज हर हाथ में दिखने वाला मोबाइल उन्हीं फ़ैसलों का नतीजा है।

सभापति अनुराग मसीह ने अपने उदबोधन में कहा कि कुछ लोग ज़मीन पर राज करते हैं और कु्छ लोग दिलों पर। मरहूम राजीव गांधी एक ऐसी शख़्सियत थे, जिन्होंने ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि दिलों पर भी हुकूमत की। वे भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन हमारे दिलों में आज भी ज़िंदा हैं। राजीव गांधी ने उन्नीसवीं सदी में इक्कीसवीं सदी के भारत का सपना देखा था। राजीव गांधी की जघन्य हत्या हमारे राष्ट्रीय मर्म पर एक आघात है, भारतीय लोकतंत्र पर एक कलंक है। एक बार फिर हमारी महान सभ्यता और प्राचीन संस्कृति विश्व में उपहास का विषय बन गई है। शायद दुनिया में और कोई ऐसा देश नहीं होगा, जो अहिंसा की इतनी बातें करता हो। लेकिन शायद कोई और देश दुनिया में नहीं होगा, जहां राजनेताओं की इस तरह से हिंसा में मृत्यु होती हो। यह हिंसा और हत्याओं का सिलसिला बंद होना चाहिए।
आज़ाद भारत स्व. राजीव के महत्वपूर्ण योगदान के लिए हमेशा उनका ऋणी रहेगा। तत्पश्चात कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पार्षद गण एल्डरमेन एवं मितानिन दीदियों को मास्क, साबुन का वितरण किया गया।

इस दौरान आयुक्त मनीष मिश्रा, एमआईसी मेंबर- राजेश ठाकुर, चोवाराम वर्मा, केंद्र कुमार पेंदरिया,राजेश पांडे, ज्योति बाल्मीकि, पार्षद- दीपक सोनकर सूरज गहेरवाल, सोमेश मेश्राम, ममता शर्मा ,नीलू पवार, सविता कवंर, पूर्णिमा रजक,लुकेश्वरी साहू,गीतांजलि महिलांगे, एल्डरमेन – सूर्याराव पवार, देवेंद्र जैन ,अरुण चौधरी, लखन पटेल, अवधेश पांडे, विक्रांत शर्मा,
गजानंद रजक नारायण यादव प्रीतम महिलांगे कार्यपालन अभियंता राजेश पदमवार एवं वार्ड के प्रमुख मितानिन उपस्थित थे।