मेरिट में आने के बावजूद छोड़ने वाली थीं पढ़ाई जानिए कैसे छात्रा ने रखी अपनी पढ़ाई जारी बीसीएस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में द्वितीय वर्ष की है छात्रा

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मेरिट में आने के बावजूद मुफलिसी के चलते छोड़ने वाली थीं पढ़ाई, प्राचार्य के सहयोग से काॅलेज में मिला दाखिला

कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद घर की माली हालत को देखते हुए मां ने आगे की पढ़ाई से साफ इंकार कर दिया और उन्होंने भी आगे की शिक्षा मंे पूर्ण विराम देने का मन बना लिया। जब संस्था की प्राचार्य श्रीमती वीनू व्ही. मैथ्यू को यह बात पता चली तो उन्होंने होनहार छात्रा की शिक्षा बाधित होते देखा तो अपने खर्च से काॅलेज में दाखिला दिलाया। बीएससी गृह विज्ञान प्रथम वर्ष में धनेश्वरी 70 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होकर वर्तमान में बीसीएस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं।


धमतरी|  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए जारी की गई प्रावीण्य सूची में कु. धनेश्वरी देवांगन का नाम गृह विज्ञान संकाय से प्रथम स्थान पर है। शिवसिंह वर्मा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी की छात्रा कु. धनेश्वरी ने बताया कि स्कूल में नियमित कक्षा में पढ़ाई करने के बाद शेष बचे समय का सदुपयोग करते हुए विषय शिक्षकों के सम्पर्क में रहीं तथा रोजाना अपने डाउट्स क्लियर करतीं। इससे सभी विषयों में पकड़ बेहतर बन गई, जिसका परिणाम यह रहा कि गृह विज्ञान विषय के साथ उन्होंने मेरिट क्रम में पहला स्थान हासिल किया। छात्रा कु. धनेश्वरी ने बताया कि उनके परिवार में मां सहित तीन बहन और एक भाई हैं। पीलिया बीमारी की वजह से पिता स्व. श्री मुकुंद देवांगन की मृत्यु आज से 12 साल पहले 2009 में हो गई थी, जिसके बाद मां श्रीमती लता बीड़ी मजदूर के तौर पर काम करके जैसे-तैसे अपने परिवार का भरण-पोषण करतीं। इसके बावजूद धनेश्वरी की पढ़ने की लगन कम नहीं हुई। कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद घर की माली हालत को देखते हुए मां ने आगे की पढ़ाई से साफ इंकार कर दिया और उन्होंने भी आगे की शिक्षा मंे पूर्ण विराम देने का मन बना लिया। जब संस्था की प्राचार्य श्रीमती वीनू व्ही. मैथ्यू को यह बात पता चली तो उन्होंने होनहार छात्रा की शिक्षा बाधित होते देखा तो अपने खर्च से काॅलेज में दाखिला दिलाया। बीएससी गृह विज्ञान प्रथम वर्ष में धनेश्वरी 70 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होकर वर्तमान में बीसीएस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। धनेश्वरी ने बताया कि मां की शारीरिक अस्वस्थता व उम्र अधिक होने की वजह से उन्होंने बीड़ी मजदूरी का काम छोड़ दिया। ऐसे में परिवार चलाने के लिए उनकी बड़ी बहन आरती कपड़े की दुकान में सेल्स गर्ल के तौर पर काम करना शुरू कर दिया, वहीं छोटे भाई-बहन सहित घर का खर्च वहन करने के लिए धनेश्वरी ने पेटीकोट की सिलाई का पार्ट टाइम जाॅब घर पर शुरू कर दिया, जिससे प्रति नग दो से पांच रूपए मिलता है। इस तरह मुफलिसी के दौर में भी धनेश्वरी ने अपनी पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया व अपने परिवार की भी जिम्मेदारी बखूबी उठाते हुए उच्च शिक्षा जारी रखी।
मेरिट लिस्ट की कु. खुशी व धनेश्वर प्रशासनिक सेवा, तो खिलेन्द्र चार्टर्ड एकाउंटेंट बनना चाहते हैं- शिक्षा सत्र 2019 एवं 2020 में टाॅप करने वाले विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री ने आज वर्चुअल चर्चा कर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। सरस्वती शिशु मंदिर खिसोरा के छात्र धनेश्वर साहू ने 2019 की प्रावीण्य सूची में पांचवां रैंक प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों मार्गदर्शन में विषयवार तथा क्रमवार अध्ययन से उन्हें यह कामयाबी मिली। छात्र धनेश्वर ने यह भी बताया कि वह आगे वर्तमान में रायपुर के छत्तीसगढ़ काॅलेज में अध्ययनरत है और आगे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर डिप्टी कलेक्टर बनना चाहता है। इसी तरह मेरिट लिस्ट में आठवां स्थान प्राप्त करने वाली ग्राम लोहरसी की कु. खुशी गंजीर भी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के जरिए प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा रखती हैं। वर्तमान में वह बीसीएस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीएससी की छात्रा हैं। इसी प्रकार वर्ष 2020 की प्रावीण्य सूची में आठवें रैंक प्राप्त श्री खिलेन्द्र देवांगन ने बताया कि वह भविष्य में चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के लिए पढ़ाई कर रहा है और सीए फाउण्डेशन की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है।