मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षा की प्रावीण्य सूची में शामिल बच्चों से की चर्चा, दी बधाई जिले के पांच मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

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धमतरी| शिक्षा सत्र 2018-19 एवं 2019-20 में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा में उच्चतम अंकों के साथ प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों का सम्मान आज प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सहित जिले के छात्र-छात्राओं से चर्चा कर उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य सहित जिले से प्रावीण्य सूची में शामिल विद्यार्थी  धनेश्वर साहू, कु. खुशी गंजीर, कु. धनेश्वरी देवांगन,  खिलेन्द्र देवांगन तथा विशेष पिछड़ी जनजाति कमार वर्ग से कु. संतोषी नेताम वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री से जुड़े।

अपराह्न 12.00 बजे से कलेक्टोरेट के स्वान कक्ष में आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित प्रोत्साहन सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विभिन्न जिलों के छात्र-छात्राओं से चर्चा कर उनके भावी लक्ष्य तथा पारिवारिक पृष्ठभूमि के संबंध में चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आशीर्वचन में कहा कि वे प्रदेश और देश के भविष्य हैं। न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल रहकर, अपितु आचार-व्यवहार और संस्कार में भी आगे रहकर अपने मां-बाप के सपनों को साकार करें।

विद्यार्थी देश के भविष्य में हैं उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार हरसंभव मदद करेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के नगरी ब्लाॅक के दुगली स्थित शासकीय कन्या शिक्षा परिसर में अध्ययनरत छात्रा कु. संतोषी नेताम से चर्चा की। बोर्ड परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. संतोषी ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान बताया कि वह कमार जनजाति से है और उनके पिता का काफी पहले निधन हो गया था। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विपरीत परिस्थितियों के बाद भी अच्छे अंकों के साथ प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री के पूछे जाने पर संतोषी ने बताया कि वह आगे चलकर रसायन विज्ञान की शिक्षक बनना चाहती हैं, जिस पर मुख्यमंत्री ने अपनी शुभकामनाएं उन्हें दीं। इस दौरान कु. संतोषी ने मुख्यमंत्री से रोजगार की इच्छा जाहिर की, जिस पर उन्होंने समझाइश दी कि अभी उनकी उम्र उच्च शिक्षा ग्रहण करने की है और पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी के लिए आवेदन करे। प्रदेश सरकार ने विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को शासकीय सेवा में लेने के लिए प्रतिबद्ध है। आज आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला, माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सचिव प्रो. व्ही.के. गोयल सहित आला अधिकारीगण मौजूद थे। इसके पहले, कलेक्टर ने मुख्यमंत्री की ओर से प्रावीण्य सूची में शामिल सभी पांचों विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा जारी प्रमाण-पत्र का वितरण कर उन्हें मैडल प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती रजनी नेल्सन भी उपस्थित रहीं।