मातृभूमि के लिए बलिदान की परंपरा के प्रणेता है आदिवासी समाज के वीरनारायण सिंह : रंजना 

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धमतरी| अंग्रेजों की परातंत्रता से भारत माता को आजाद कराने के लिए स्वतंत्रता के मतवालों ने हँसते हँसते जान की बाजी लगा दी | इस श्रृंखला में छत्तीसगढ़ के वीरो की लंबी फेहरिस्त है जिनके अग्रणी शहीद वीरनारायण सिंह के रूप में आदिवासी समाज के साथ ही पूरे राज्य के लिए गौरव है |

उक्त बातें विधायक रँजना डीपेंद्र साहू ने नगर निगम सामुदायिक भवन विंध्यवासिनी मंदिर के समीप शहीद वीरनारायण सिंह की आदमक़द प्रतिमा में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में माल्यापर्ण पश्चात मुख्यातिथि के रूप में कही| इस अवसर पर अंतागढ़ विधायक अनुप नाग ने  छत्तीसगढ़ की शहादत की परंपरा व संस्कृति को समृद्ध करने के लिए आदिवासी समाज के शहीद वीरनारायण के योगदान को अनुकरणीय बताया। नगर निगम महापौर विजय देवांगन एवं सभापति अनुराग मसीह ने भी सभा को संबोधित किया।

इस अवसर पर मोहन मूलवानी, अरविंदर मुंडी, विजय साहू, बिथिका विश्वास, सरिता यादव, पार्षद धनीराम सोनकर, श्यामलाल नेताम, ईश्वर सोनकर, राजकुमार नेताम, राजेश पांडे, हरमिंदर सिंह छाबड़ा, राजेश ठाकुर, राजेंद्र साहू, वीरेंद्र साहू, राज कुमार नेताम, आरएन ध्रुव, जेएल ध्रुव, कुलेश्वर ठाकुर, जीवराखन ठाकुर, शिवनारायण, राम जी ध्रुव, महेंद्र नेताम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं सामाजिकजन उपस्थित थे |