महिला सशक्तिकरण के प्रतीक स्वच्छता-सेविकाओं का पार्षदो ने किया सम्मान , महिला ही ,आत्मनिर्भर भारत का है ,सशक्त आधार- राजेद्र शर्मा

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मातृशक्ति, ही धरती पर स्वर्ग का करती है निर्माण- राजेश ठाकुर

धमतरी | महिलाओं को समाज में समुचित स्थान प्रदान कर उनके सम्मान को बढ़ाते हुए प्रत्येक क्षेत्र में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का दिवस 8 मार्च को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाता है इसी उद्देश्य को लेकर नगर निगम के द्वारा शहर में महिला सशक्तिकरण के प्रतिक ,स्वच्छता मे अपनी महती भागीदारी निभाने वाली महिलाओं का सम्मान पार्षदो के माध्यम से विभिन्न संग्रहण केंद्रो मे किया गया।

गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत काफी संख्या मे महिलाए अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने के दृष्टिकोण से रोजगार मूलक इस महत्वपूर्ण कार्य में शहर मे जुडकर अपनी सेवाएं दे रही हैं उनके इस सेवभावी कार्य के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के धर्म का निर्वाह पार्षदगणों द्वारा किया गया है इस अवसर पर सम्मानित होने वाली महिलाओं मे लता नायक, अमरौतिन निषाद, जयंती बंजारे, सुरैय्या कुर्रे, हिना बंजारे, प्रेमिन कोसरे, मोंगरा बंजारे, लक्ष्मी भारती, सुमन कुर्रे, सुखबती रात्रे, चंद्रिका जोशी, गीता जांगड़े, ललिता निषाद, शीला कुर्रे, लता बंजारे, दुलारी कुर्रे, शांता साहू, ईश्वरी देवांगन, सविता ध्रुव, दीक्षा नेताम, पिंकी यादव, शामिल है इस अवसर पर पूर्व सभापति व पार्षद राजेंद्र शर्मा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश को आत्मनिर्भरता प्रदान करने के दृष्टिकोण से रोजगारमूलक एवं सृजनात्मक अनेक कार्य कर रहे हैं जिसमें क्षेत्र की मातृशक्ति भी अपने आप को रोजगार का एक सशक्त माध्यम मानते हुए यदि सेवा दे रही हैं तो भारत के आर्थिक आत्मनिर्भरता कायम करने की दिशा का सशक्त व महत्वपूर्ण व कारगर कदम आने वाले समय मे, यह स्वच्छता मिशन का क्षेत्र साबित होगा उन्होंने ऐसे सभी महिलाओं को जो अर्थ के क्षेत्र मे स्वयं एवं अपने परिवार को संबल प्रदान करने के लिए अनेक रोजगार अपने दैनिक जीवन में अपनाते हुए कार्य करती हैं उन्हें हम सभी जनप्रतिनिधि गण के रूप में हर पल हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर रहने की आवश्यकता है ।वही लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि समाज राष्ट्र व परिवार में सुख शांति व समृद्धि का आधार यदि कोई है तो वह माहिलाएं है यही माता है जो घर को जन्नत का स्वरूप देकर लोगों के जीवन को निखार लाकर उसे चमन बना देती है हर प्रकार के विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता यदि किसी में है तो मातृशक्ति है धैर्य की वाहिका संयम के प्रतीक वह संघर्ष को अंजाम देकर विजय हासिल करने वाली वीरांगनए होती है मातृशक्ति, इन सब को इन सब को नमन करने का पर्व है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस में सभी वर्गों को अधिक से अधिक भागीदारी निभाते हुए आगे आकर इनके प्रति आस्था व श्रद्धा ,समर्पण का भाव प्रकट करते हुए समाज में उनकी भूमिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।
उक्त अवसर पर उक्त कर्यक्रम संचलन एल्डरमेन विक्रांत शर्मा द्वारा एवं आभार पार्षद श्यामा साहू द्वारा किया गया, कुलेश सोनी, लक्ष्मण गौतम, माया शर्मा, भूपेंद्र दिल्ली, निक्कू यादव उपस्थित रहे।