पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही केंद्र सरकार, किसानों का गांधी चौक में धरना, तीनों कृषि बिल को वापस लेने की मांग   

108

धमतरी| राष्ट्रीय किसान मोर्चा एवं राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच के संयुक्त तत्वाधान में केंद्र सरकार की भाजपा सरकार द्वारा पारित नई कृषि बिल को वापसी लेने की मांग को लेकर दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहे संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन के समर्थन में तीनों काला कानून को वापस लेने की मांग को लेकर गांधी चौक धमतरी में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया |इस अवसर पर किसानो ने केंद्र की भाजपा सरकार को जमकर कोसा और उन्हें पूंजीपतियों के इशारे पर काम करने वाले एजेंट कहकर नारेबाजी भी की| अधिवक्ता शत्रुहन साहू विधिक सलाहकार संयुक्त मोर्चा,  संजय चंद्राकर राष्ट्रीय मतदाता जागृति मंच, टिकेश्वर साहू राष्ट्रीय किसान मोर्चा ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि कृषि बिल के बारे में भाजपा सरकार द्वारा जनता को गुमराह किया जा रहा है | केंद्र सरकार का कहना है कि इस बिल के माध्यम से किसानों को कहीं भी अपनी फसल बेचने की स्वतंत्रता होगी जबकि वास्तविकता यह है कि किसानों को कभी भी अपनी फसल मंडी के बाहर बेचने के लिए किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं थी | इससे किसानों को क्या लाभ होगा | इस  सवाल का जवाब भारतीय जनता पार्टी के किसी भी नेता के पास नहीं है|  केवल जनता को गुमराह कर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह बिल लाया गया है| किसानों का मांग है कि उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी का कानून दिया जाए, समर्थन मूल्य के नीचे चाहे  सरकार हो या कोई प्राइवेट कंपनी के द्वारा खरीदी करने पर उनके खिलाफ f.i.r. का प्रावधान किया जाए और प्रत्येक जिला मुख्यालय पर कृषि कोर्ट की स्थापना की जाए ताकि किसान अपनी फसल का सही दाम पा सके किंतु किसानों की मांगों पर ध्यान न देकर अंबानी और अडानी के बंगले से यह किसान विरोधी बिल लाया गया है जिसे वापस लिया जाना न्याय हित में है | तीनों कृषि बिल को वापस लेकर किसानों के सम्मान में न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी का कानून देकर अपने अन्नदता का कर्ज अदा करें|

भुनेश्वर साहू, निहाल साहू, रोहित दास, सतवंत महिलांग, निशांत भट्ट, ममता तिवारी, ललित नगारची, डोमेराम, महेंद्र साहू ने कहा कि किसान विरोधी काला कानून को वापस लेकर केंद्र सरकार किसानों की मांग को पूरा करें अन्यथा किसान गांव गांव जाकर केंद्र सरकार की कथनी और करनी का भंडाफोड़ करेंगे|  गोपी साहू, कृष्णकांत, चोवाराम, युगल किशोर, दिग्विजय, थान सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान अपनी जमीन बचाने के लिए अब तक 20 से अधिक किसान शहीद हो गए हैं |उनकी शहादत का सम्मान करते हुए संवेदनशीलता का परिचय दें |  बहुर सिंह मरकाम, महेश, रावते लाल, टोकेश्वर साहू, खूबलाल, सुनहार, यदुनंदन साहू, मनोज ओम प्रकाश ने  इस बिल को किसान विरोधी बिल घोषित कर इसे वापस करने की मांग की | मौके पर दीपक, परमेश्वर, धनंजय, कार्तिक राम, गोपाल राम, सुभाष, सोनू, रसूल खान अशफाक हाशमी, गजेंद्र, भीम लाल, तुलाराम, अवतार साहू, प्रहलाद साहू सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान शामिल हुए |