कोविड के दूसरे डोज के टीकाकरण को योजनाबद्ध तरीके से करने पर कलेक्टर ने दिया निर्देश

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45 साल से अधिक उम्र के जिलेवासियों के टीकाकरण के लिए

धमतरी|कोविड 19 के संक्रमण को रोकने के लिए जिले में 45 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। पहली खुराक के बाद टीका का दूसरा खुराक लिया जाना है। इसके मद्देनजर कलेक्टर  जय प्रकाश मौर्य ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, खण्ड चिकित्सा अधिकारी और सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारी को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपील की है कि पहली खुराक से भी अधिक महत्वपूर्ण दूसरी खुराक है, क्योंकि दूसरी खुराक लेने के बाद ही पूरी तरह से शरीर में रोग प्रतिरोधी क्षमता विकसित होती है। अतः दूसरी डोज भी नियत समय पर जरूर लें। कलेक्टर ने बताया कि जिले के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार टीकाकरण के बाद दुबारा कोरोना से संक्रमण की दर प्रति दस हजार में तीन से चार लोग ही रहे हैं। इसके अलावा दूसरी डोज लेने के बाद मृत्यु दर 0.001% से भी कम है। इसके मद्देनजर समुदाय के माध्यम से लोगों को जागरूक कर दूसरी खुराक का टीकाकरण कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.डी.के.तुर्रे ने बताया कि जिले के 45 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण एक अप्रैल से शुरू किया गया। इस आयु के एक लाख 60 हजार 753 में से अब तक एक लाख 53 हजार से अधिक लोगों को पहले चरण का टीका लग चुका है। बताया गया है कि इसमें डेढ़ लाख से अधिक लोगों को कोविशील्ड और दो हजार से अधिक लोगों को कोवैक्सीन का टीका लगाया गया है। जिन हितग्राहियों को कोविशील्ड का टीका लगा है, उन्हें दूसरी खुराक 42 दिन के बाद और कोवैक्सीन टीका लगाने वाले हितग्राहियों को दूसरी खुराक 28 दिन बाद दी जाएगी। यहां यह बात जरूरी है कि हर लाभार्थी को टीका लगाते समय ध्यान रखना होगा कि उन्हें पहला डोज किसका लगा था? अगर किसी व्यक्ति को पहला डोज कोविशील्ड का लगा था तो 42 दिन बाद वह दूसरे कोविशील्ड के डोज के लिए पात्र होगा। इसी तरह कोवैक्सीन का पहला डोज लेने वाले हितग्राही 28 दिनबाद उसी का दूसरा डोज लेने के लिए पात्र हो जाएंगे।
कलेक्टर ने इस आधार पर कहा कि दूसरी खुराक के लिए पात्र लोगों तक सूचना पहुंचाना तथा लक्षित व्यक्तियों की पहचान करना जरूरी है। इससे टीकाकरण की योजना तथा लाभार्थियों को सूचना पहुंचाने में मदद मिलेगी। दूसरे डोज के लिए ग्राम पंचायत के काॅल सेंटर, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, वार्ड पंच, सचिव, ग्राम के चुने हुए वाॅलिंटियर्स के जरिए सूचना हितग्राहियों को पहुंचाई जा सकती है। कलेक्टर ने कहा कि जिन्हें टीकाकरण की पहली खुराक के बाद हाथ-पैर में दर्द, बुखार हुआ हो, ऐसे हितग्राहियों को समझाईश देनी होगी कि यह एक सकारात्मक संकेत है, ना कि नकारात्मक। दूसरी खुराक में हो सकता है ऐसे लक्षण प्रकट नहीं हो। इसके अलावा इस अवधि में शरारती तत्वों द्वारा टीकाकरण को लेकर भ्रम भी फैलाया जा रहा है, उस भ्रम को भी टीकाकरण दल को दूर करना होगा। इसके लिए सकारात्मक काउंसिलिंग करने पर भी कलेक्टर ने जोर दिया है।