आइसोलेशन के मरीज चिकित्सक को दें सही जानकारी ऑक्सीजन का स्तर 95 से कम होने पर कंसल्ट कर रहे चिकित्सक को जरूर दें इसकी जानकारी-मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने होम आइसोलेशन के मरीजों से की अपील-चिकित्सक को दें सही जानकारी
ऑक्सीजन का स्तर 95 से कम होने पर कंसल्ट कर रहे चिकित्सक को जरूर दें इसकी जानकारी

धमतरी | मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डी.के.तुर्रे और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.के. साहू ने होम आइसोलशन में रह रहे मरीजों से अपील की है कि वे संबंधित चिकित्सक को अपने आक्सीजन लेवल, तापमान, पल्स आदि की सही रीडिंग बताएं। उन्होंने कहा है कि कई बार यह देखा गया है कि होम आइसोलेशन वाले मरीज जब अस्पताल पहुंचते हैं, तब मालूम होता है कि उन्होने इसके पहले गलत रीडिंग बताई या बताई ही नही, जिसके कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। होम आइसोलेशन के मरीजों को या जो उनकी देखभाल करता है उन्हें थर्मामीटर से तापमान लेना, पल्स आॅक्सीमीटर से आॅक्सीजन स्तर लेना और पल्स की रीडिंग लेना आना चाहिए, जो कि बहुत सरल है। यह पल्स आॅक्सीमीटर के जरिए ली जाती है। उससे दिन में चार बार रीडिंग लेकर मोबाइल के जरिए ही संबंधित चिकित्सक को भेजना है, जो उन्हें एलाॅट किया गया है।

इसके अलावा मरीजों को छह मिनट चलने के पहले और छह मिनट बाद भी आॅक्सीजन स्तर, आॅक्सीमीटर से रीडिंग लेनी चाहिए और इसमें तीन अंको का अंतर आने पर चिकित्सक को बताना चाहिए। आॅक्सीजन स्तर 95 से कम होने पर भी चिकित्सक को जरूर बताना चाहिए। बताया गया है कि मरीज टोल फ्री नंबर 104 पर भी संपर्क कर सकते हैं। समझाइश दी गई है कि यदि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज की सांस फूल रही है, तो तुरंत अस्पताल में भर्ती होना चाहिए और इस दौरान सीधे लेटना चाहिए, जिससे फेफड़ों को आॅक्सीजन बराबर मिले। साथ ही मरीजों को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी विभाग को लेनी होती है, जिससे उनके परिजन, मित्र भी समय पर कोरोना जांच कराएं और संक्रमण से बच सकें।