
पर्यावरण संरक्षण वैश्विक जिम्मेदारी है, स्मृति से जुड़ा पौधारोपण समाज को संवेदनशील बनाता है — अशोकादित्य धुरंधर, ऐसे पौधारोपण प्रयास समाज में प्रकृति प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं — धनंजय किरी
धमतरी | सार्थक ग्रीन धमतरी के तत्वावधान में जिला जेल परिसर धमतरी में ट्री गार्ड सहित आम के दो पौधे लगाए गए। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण और दिवंगत आत्माओं की स्मृति को सम्मान देने का प्रेरक प्रयास रहा। पौधारोपण के समय पौधों की पूजा की गई और उनके विकसित होकर मजबूत पेड़ बनने की प्रार्थना भी की गई, ताकि ये पौधे न केवल हरियाली बढ़ाएं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और स्वास्थ्य का प्रतीक बनें। स्वर्गीय श्री सुंदरलाल जी किरी एवं श्रीमती लक्ष्मी बाई किरी की स्मृति में उनके पुत्र–पुत्रवधू धनंजय किरी एवं श्रीमती धनवती जी ने एक आम का पौधा रोपित किया। वहीं स्वर्गीय डॉ. के. एल. चंद्राकर जी की पुण्य स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती यशोदा चंद्राकर जी, पुत्री सपना धुरंधर, एवं दामाद नागपुर निवासी अशोकादित्य धुरंधर जी, जो बाथवाल कॉर्पोरेशन, कोलकाता में वैश्विक प्रमुख (अन्वेषण एवं खनन विभाग) हैं और भारत, मेडागास्कर, मोज़ाम्बिक एवं UAE में कार्यरत हैं, के सौजन्य से दूसरा आम का पौधा रोपित किया गया। पौधारोपण में सहयोग देने वालों में श्री नरेंद्र के. डहरिया (सहायक जेल अधीक्षक), दिनेश कुमार गजेंद्र (मुख्य प्रहरी), हेमंत सिंह ठाकुर, श् मुकेश ध्रुव, संत कुमार साहू, श्रीमती तुलसी डहरिया एवं श्रीमती लता रात्रे एवं सुभाष मलिक शामिल थे। सितंबर 2026 से अब तक जिला जेल परिसर में ट्री गार्ड सहित कुल 53 पौधे लगाए जा चुके हैं, जिन्हें श्री डहरिया, जेल अधिकारी– कर्मचारी, महिला सदस्य और बच्चे मिलकर जीवित और स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अशोकादित्य धुरंधर ने कहा— पर्यावरण संरक्षण आज वैश्विक जिम्मेदारी है। स्मृति से जुड़ा पौधारोपण समाज में संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। धनंजय किरी (लायंस क्लब धमतरी फ्रेंड्स अध्यक्ष) ने कहा— ऐसे पौधारोपण प्रयास समाज में प्रकृति प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं। सहायक जेल अधीक्षक श्री नरेंद्र के. डहरिया ने कहा— हरियाली केवल सौंदर्य ही नहीं बढ़ाती, बल्कि सकारात्मक वातावरण और मानसिक शांति भी देती है। हम सभी पौधों की देखभाल के लिए प्रतिबद्ध हैं। अंत में सार्थक ग्रीन धमतरी की संयोजिका डॉ. सरिता दोशी ने अपील की— जन्मदिन, पुण्यतिथि और अन्य अवसरों को पौधारोपण से जोड़ें,एक पौधा—एक जीवन, और हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद की किरण है।






