“सड़क सुरक्षा है जीवन सुरक्षा” – धमतरी पुलिस का संदेश शास.स्कूल केरेगांव के छात्रों तक पहुँचा

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 नशा है विनाश का मार्ग, दूर रहना ही है उज्ज्वल भविष्य की कुंजी,  केरेगांव के 150 विद्यार्थियों ने लिया संकल्प – सुरक्षित यातायात और नशामुक्त समाज की ओर

 धमतरी | एसपी.धमतरी के दिशानिर्देश एवं मार्गदर्शन में धमतरी पुलिस यातायात प्रभारी द्वारा यातायात एवं नशा मुक्ति संबंधी जागरूकता अभियान का आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, केरेगांव में किया गया। इस अभियान का उद्देश्य छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने और नशे से दूर रहने के महत्व से अवगत कराना था।

 कार्यक्रम का विस्तृत विवरण

 कार्यक्रम का संचालन यातायात प्रभारी उनि. खेमराज साहू ने किया। उन्होंने छात्रों को विभिन्न उदाहरणों और वास्तविक घटनाओं के माध्यम से समझाया कि लापरवाही और नशा किस तरह से जीवन को खतरे में डाल सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा –  हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन रक्षक कवच हैं, जिन्हें कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। शराब पीकर वाहन चलाना केवल अपराध नहीं बल्कि मासूम जिंदगियों के लिए बड़ा खतरा है।  सड़क पर मोबाइल का प्रयोग एक पल में जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकता है। यातायात संकेतों और नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।विद्यालय का सहयोग और शिक्षकों की भूमिका  इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय प्राचार्य श्री एम.एस. मरकाम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन और संयम ही सफलता की कुंजी है। इसी तरह, व्याख्याता श्री आर.के. ध्रुव, श्रीमती यू.बी. समुंद, श्रीमती एल. देवांगन, श्री एन. ठाकुर तथा व्यायाम शिक्षिका श्रीमती एल. ध्रुव ने भी छात्रों को जीवन में नशा न करने और यातायात नियमों को आदत बनाने की प्रेरणा दी।

 विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी-: लगभग 150 छात्र-छात्राएँ इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और यातायात नियमों से जुड़ी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी ने यह संकल्प लिया कि वे –  हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करेंगे।  शराब और नशे से हमेशा दूर रहेंगे।
वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग नहीं करेंगे।  सुरक्षित और नशामुक्त समाज बनाने में योगदान देंगे।  धमतरी पुलिस की अपील  धमतरी पुलिस ने इस अवसर पर आम जनता और विशेषकर युवाओं से अपील की कि –  सड़क पर सावधानी बरतें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।  यातायात नियमों को बोझ नहीं बल्कि जीवन रक्षक नियम मानें।  नशे को ‘ना’ कहें और दूसरों को भी इससे दूर रहने की सलाह दें।  घर के बड़े अपने बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाएं। धमतरी पुलिस समय-समय पर ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करती है।इस प्रकार के अभियानों से छात्रों और नागरिकों में न केवल सुरक्षित यातायात के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है, बल्कि समाज को नशामुक्त और अनुशासित बनाने की दिशा में भी मजबूत कदम उठाए जाते हैं।