
अपने बच्चों को विशेष बच्चों से मिलवाते रहना चाहिए, ताकि वे सीखें कि,शारीरिक अक्षमताओं के बावजूद कम सुविधा में भी, खुश होकर जिया जा सकता है_ डॉ. रुचि रावत
धमतरी | सार्थक स्कूल की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती प्रभा रावत, अपनी बहू डॉ. रुचि रावत और पोते अनय एवं अनव को सार्थक के विशेष बच्चों से मिलाने लेकर आईं। अपने हमउम्र दोस्तों से मिलकर स्कूल के बच्चे खुश हो गए। अतिथियों के स्वागत गीत से स्वागत के पश्चात सार्थक अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ने सार्थक के विशेष बच्चो के प्रशिक्षण,और गतिविधियों के विषय में जानकारी दी। अनव और अनव ने “हैलो दोस्तों” कहकर विशेष बच्चों से दोस्ती कर ली। श्रीमती प्रभा ने स्कूल के प्रारंभकाल से लेकर अभी तक, बच्चों की प्रगति पर संतोष और हर्ष व्यक्त किया। और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

डॉ. रुचि ने उद्बोधन में कहा कि, सर्व सुविधायुक्त जीवन जीते हुए भी हम जीवन से संतुष्ट नहीं हो पाते । हमें अपने बच्चों को इन विशेष बच्चों से जरूर मिलवाते रहना चाहिए, ताकि वे इन्हें देखकर सीखें कि, कम सुविधा और शारीरिक_ मानसिक कमियों के बावजूद भी खुशी- खुशी जीवन जीया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि बड़े जो _ जो करते हैं, बच्चे उनका अनुकरण करते हैं। बचपन से ही बच्चों को सेवाभाव सिखाया जाए तो, वे बड़े होकर एक आदर्श नागरिक बन सकते हैं। अनव और अनय ने अपने साथ लाए, स्टेशनरी सामग्री का उपहार विशेष बच्चों को अपने हाथों से स्नेहपूर्वक भेंट किया और स्कूल में लगने वाले समर कैंप में हम जरूर आयेंगे, कहा। कार्यक्रम का संचालन सचिव स्नेहा राठौड़ ने किया। इस अवसर पर प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, स्वीटी सोनी, देविका दीवान, सुनैना गोड़े उपस्थित थे।





