
गायत्री महायज्ञ और संस्कार महोत्सव समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करती हैं : कौशिल्या देवांगन
गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव में शामिल हुईं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना डीपेंद्र साहू, समाज में संस्कारों के प्रसार पर दिया जोर
धमतरी | अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में चार दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन धमतरी शहर के सोरिद कॉलोनी काली मंदिर के पीछे स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ, पावन प्रज्ञा पुराण एवं संस्कार महोत्सव में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं धमतरी की पूर्व विधायक श्रीमती रंजना डीपेंद्र साहू विशेष रूप से शामिल हुईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ, प्रवचन एवं विभिन्न संस्कार विधियों में सहभागिता निभाई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना रहा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रंजना डीपेंद्र साहू ने यज्ञ स्थल में सम्बोधित करते हुए कहा कि गायत्री महायज्ञ जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपरा के संवाहक हैं, आज के समय में जब समाज विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में यज्ञ, संस्कार और आध्यात्मिक कार्यक्रम लोगों को सही दिशा प्रदान करते हैं, गायत्री परिवार द्वारा किया जा रहा यह कार्य न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी एक सशक्त माध्यम है। हमें इन आयोजनों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में संस्कारों को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। नगर निगम सभापति श्रीमती कौशिल्या देवांगन ने कहा कि गायत्री महायज्ञ और संस्कार महोत्सव समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं, ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता, नैतिकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। हमें गर्व है कि हमारे नगर में इस प्रकार का भव्य आयोजन हो रहा है, जिसमें सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। उन्होंने आयोजन समिति एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी है। कार्यक्रम के दौरान यज्ञ, हवन, प्रज्ञा पुराण कथा, दीप यज्ञ एवं विभिन्न संस्कार विधियां संपन्न कराई गईं। युग पुरोहित, शांतिकुंज हरिद्वार के द्वारा प्रवचन दिए गए, जिसमें जीवन मूल्यों, संस्कारों एवं राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिकता की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर पूर्व पार्षद रितेश नेताम, पूर्व पार्षद राम खिलावन कंवर सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित थे।





