
धमतरी | कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने गंगरेल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु संचालित विभिन्न विकास कार्यों तथा ग्राम ठेमली अंतर्गत ठेमली आईलैंड में प्रगति पर चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने पैदल चलकर पाथवे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और व्यू प्वाइंट और वाच टावर हेतु स्थल का भी चिन्हांकन किया। कलेक्टर श्री मिश्रा ने ठेमली आईलैंड में किये जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वनमंडलाधिकारी श्री कृष्ण जाधव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने गंगरेल जलाशय के आसपास विकसित किए जा रहे पर्यटन अधोसंरचना कार्यो जैसे पहुंच मार्गों का सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा सांकेतिक बोर्ड की स्थापना की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गंगरेल धमतरी जिले की पहचान है और इसे एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। ठेमली आईलैंड, जो गंगरेल जलाशय के मध्य स्थित एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है, वहां निर्मित हो रहे खरंजा फुटपाथ, विश्राम स्थल, बैठने की व्यवस्था, रेलिंग, सोलर लाइटिंग, व्यू प्वांइट एवं हरित क्षेत्र विकास कार्यों का कलेक्टर ने अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि फुटपाथ का निर्माण स्वीकृत मानक डिजाइन के अनुरूप हो तथा वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या से बचाव हेतु समुचित ढलान एवं ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि ठेमली आईलैंड में पर्यटकों की सुविधा हेतु पेयजल, शौचालय, कचरा प्रबंधन, पार्किंग, प्राथमिक उपचार किट एवं सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पर्यटन स्थल की जानकारी देने हेतु आकर्षक सूचना पट्ट, दिशासूचक बोर्ड एवं स्थानीय जैव-विविधता से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की जाए, जिससे पर्यटक क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं से अवगत हो सकें। उन्होंने वन विभाग एवं पंचायत विभाग को समन्वय स्थापित कर आईलैंड क्षेत्र में स्थानीय प्रजातियों का वृक्षारोपण, हरित पट्टी विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विकास कार्य पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किए जाएं, ताकि प्राकृतिक सौंदर्य अक्षुण्ण बना रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सुनियोजित प्रयासों, विभागीय समन्वय और जनसहभागिता से गंगरेल-ठेमली आईलैंड क्षेत्र निकट भविष्य में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा।






