
गुणवत्ता परीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, जनमन योजना से PVTG बसाहटों को मिली सशक्त कनेक्टिविटी
धमतरी | कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने विकासखंड मगरलोड अंतर्गत मोहरा–निरई कमारपारा मार्ग का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क कार्य की गुणवत्ता का सूक्ष्म परीक्षण किया तथा निर्माण में अपनाए गए मानकों का बारीकी से अवलोकन किया। कलेक्टर ने सड़क की मोटाई, सतह की मजबूती, समतलता एवं जल निकासी व्यवस्था की जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान) योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की बसाहटों को मुख्यधारा से जोड़ना है। मोहरा–निरई कमारपारा सड़क का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे कमारपारा एवं आसपास की PVTG बसाहटों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सड़क कनेक्टिविटी के सुदृढ़ होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आजीविका से जुड़ी सेवाओं तक सरल एवं सुगम पहुंच प्राप्त होगी। कलेक्टर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि सड़क की दीर्घकालिक मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में सड़क क्षतिग्रस्त न हो, इसके लिए गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही उन्होंने पुल-पुलियों की स्थिति, सड़क किनारों की सुरक्षा व्यवस्था, साइन बोर्ड, रोड मार्किंग एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रावधानों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखी जाए, ताकि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों से संवाद करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि शासन की मंशा गांवों को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की है। गुणवत्तापूर्ण सड़कें केवल दूरी कम नहीं करतीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के नए अवसर भी सृजित करती हैं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिले में संचालित सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। निरीक्षण के अवसर पर सहायक आयुक्त, आदिम जाति विकास श्री विमल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।






