उजड़ने के डर से एकजुट हुई बस्ती, नोटिस के बाद प्रशासन के खिलाफ फूटा आक्रोश

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50 से अधिक परिवारों ने बेदखली की आशंका जताते हुए किया विरोध प्रदर्शन, प्रशासन ने कहा- अभी केवल नोटिस जारी हुए हैं, नियमानुसार होगी आगे की प्रक्रिया

धमतरी। जिले की ग्राम पंचायत कोलियारी के करेठा बस्ती में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब सरकारी भूमि से जुड़े मामले में 50 से अधिक परिवारों को बेदखली का नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई। कार्रवाई की आशंका से चिंतित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद पूरे बस्ती में दहशत का माहौल है। लोगों को आशंका है कि प्रशासन कभी भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सकता है। इसी भय के कारण सभी परिवार एकजुट होकर विरोध जताने पहुंचे। ग्रामीणों का दावा है कि वे पिछले 20 से 30 वर्षों से इस स्थान पर निवास कर रहे हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उन्हें हटाना न्यायसंगत नहीं होगा।
ग्राम विकास समिति के सदस्य यशवंत सोनकर ने बताया कि तहसीलदार द्वारा 15 जून को वार्ड क्रमांक 18, 19 और 20 के रहवासियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनका आरोप है कि करीब 20 एकड़ भूमि किसी अन्य प्रयोजन के लिए मांगी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस भूमि को आपदा राहत एवं सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखा गया था, वहां एक निजी संस्था द्वारा छात्रावास निर्माण की तैयारी की जा रही है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यशवंत सोनकर ने चेतावनी दी कि यदि बस्ती को हटाने की कार्रवाई की गई तो ग्रामीण आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि दूसरे स्थानों पर हुई बेदखली की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और वे अपने आशियाने को लेकर चिंतित हैं।
ग्राम पंचायत कोलियारी की सरपंच ज्योति सोनकर ने कहा कि ग्रामीणों के बीच संबंधित भूमि पर छात्रावास निर्माण की चर्चा चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी मकान को तोड़े जाने की जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन यदि ग्रामीणों के हित प्रभावित होते हैं तो ग्राम पंचायत उनके साथ खड़ी रहेगी।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया कि फिलहाल केवल नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी तथा लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।
वहीं, जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वर्षा रानी ने बताया कि तहसीलदार द्वारा जारी नोटिस के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल बेदखली की आशंका और भूमि के प्रस्तावित उपयोग को लेकर ग्रामीणों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और इस मामले में होने वाले आधिकारिक निर्णय पर टिकी है।