
धमतरी | सरस्वती ग्राम शिक्षा समिति जिला धमतरी द्वारा छाती मे आयोजित दस दिवसीय नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नगर निगम धमतरी के महापौर श्री जगदीश (रामू) रोहरा ने प्रशिक्षणार्थी आचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता होता है। विद्यार्थियों के जीवन में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता एवं राष्ट्रभक्ति के भाव विकसित करने में आचार्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। महापौर श्री रोहरा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना भी आवश्यक है। सरस्वती शिशु मंदिर जैसी संस्थाएं वर्षों से शिक्षा के साथ संस्कार प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नवीन आचार्यों से कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण समर्पण, निष्ठा और सेवा भाव के साथ करें। एक आदर्श शिक्षक अपने ज्ञान, व्यवहार और व्यक्तित्व से विद्यार्थियों को प्रेरित करता है तथा उनके जीवन की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की पाठशाला है। महापौर श्री रोहरा ने सरस्वती ग्राम शिक्षा समिति द्वारा आयोजित इस दस दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की कार्यक्षमता, नेतृत्व क्षमता और शिक्षण कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्यों को सफल प्रशिक्षण की शुभकामनाएं देते हुए समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री दीनबंधु सिन्हा, मुख्य वक्ता श्री रतनलाल चक्रधर, विशिष्ट अतिथि श्रीमती दानेश्वरी यादव, वर्गाधिकारी श्री नरसिंग चंद्राकर सहित समिति के पदाधिकारी, आचार्यगण एवं प्रशिक्षणार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।






