
धमतरी | विश्वभर में तेजी से घटती जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा 22 मई को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। धमतरी वनमंडल के डिपो कैम्पस स्थित नवीन प्रशिक्षण हॉल में आयोजित कार्यक्रम में वन अधिकारियों, विशेषज्ञों, संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएफओ धमतरी जाधव श्रीकृष्ण ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ “हम सब मिलकर जैव विविधता बचाएँगे, सुरक्षित भविष्य बनाएँगे” की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति संरक्षण, वन्य जीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए अपने स्तर पर योगदान देने का संकल्प लिया। अपने संबोधन में डीएफओ श्री जाधव ने कहा कि जैव विविधता केवल पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस की थीम “वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना” रखी गई है, जो यह संदेश देती है कि स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी वैश्विक पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा अधिकाधिक पौधारोपण करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण देने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला, निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने प्रकृति, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विजेता प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर बर्ड्स एंड बटरफ्लाई विशेषज्ञ अमर मूलवानी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पक्षियों एवं तितलियों की विभिन्न प्रजातियों तथा उनके संरक्षण के महत्व की जानकारी दी। वहीं विशेषज्ञ गोपी साहू ने सरीसृप जीवों की उपयोगिता, उनसे जुड़े भ्रम और संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। संलग्नाधिकारी बी.के. लकड़ा ने कहा कि जैव विविधता हमारे ग्रह का जीवंत ताना-बाना है और इसका संरक्षण मानव अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर बल दिया। कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी सत्य नारायण प्रधान, पंचराम साहू, आकांक्षा बोरकर, ओमकार सिन्हा, के.पी. जोशी सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






