
500 विद्यार्थियों को कुरूद पुलिस ने दिया साइबर सुरक्षा, कानून और नशामुक्ति का पाठ
सरस्वती शिशु मंदिर में जागरूकता अभियान, डायल-112, महिला-बाल सुरक्षा और यातायात नियमों की दी जानकारी
कुरूद। जिले में अपराधों की रोकथाम और युवाओं को जागरूक बनाने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में थाना कुरूद पुलिस ने सरस्वती शिशु मंदिर, कुरूद में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के लगभग 500 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगण ने भाग लिया। विद्यार्थियों को साइबर अपराध, नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, डायल-112 तथा कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बदलते दौर में अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का जागरूक होना बेहद जरूरी है, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और समाज को भी सुरक्षित बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें।
आपात स्थिति में डायल-112 का करें उपयोग
विद्यार्थियों को डायल-112 की उपयोगिता बताते हुए पुलिस ने कहा कि दुर्घटना, अपराध या किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल इस सेवा के माध्यम से पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। विद्यार्थियों को घबराने के बजाय तुरंत पुलिस या जिम्मेदार व्यक्ति को सूचना देने की सलाह दी गई।
साइबर ठगी से बचने के बताए आसान उपाय
कार्यक्रम में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक, ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी और फर्जी प्रोफाइल जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अज्ञात मोबाइल एप डाउनलोड करने से बचें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा पर भी किया जागरूक
पुलिस ने विद्यार्थियों को महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों और अधिकारों की जानकारी दी। छेड़छाड़, उत्पीड़न या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर उसे छिपाने के बजाय तत्काल माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को बताने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि अपराध के खिलाफ चुप्पी नहीं, बल्कि समय पर सूचना देना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है।
यातायात नियमों का पालन करने की दिलाई शपथ
जागरूकता कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की भी जानकारी दी गई। हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने, तेज गति से वाहन नहीं चलाने तथा यातायात संकेतों का पालन करने की समझाइश दी गई। पुलिस ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खतरों से भी अवगत कराया और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन नहीं चलाने की अपील की।
‘नशे से दूरी, जीवन में मजबूती’ का दिया संदेश
विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का भविष्य ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
कानून की जानकारी को बताया सबसे बड़ी सुरक्षा
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि कानून की समझ व्यक्ति को अपराधों से बचाने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक बनाने में मदद करती है। सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई।
धमतरी पुलिस ने बताया कि जिले के विभिन्न विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के जनजागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराध, नशामुक्ति, यातायात सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, डायल-112 तथा कानून संबंधी जानकारी देकर जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई भी लगातार जारी है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, थाना प्रभारी कुरूद, थाना स्टाफ सहित लगभग 500 छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे|