सरकारी नीतियों से आहत ठेकेदार आंदोलन की तैयारी में

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धमतरी। शासकीय विभागो में निर्माण कार्यो में लगे ठेकेदारो द्वारा छग कान्ट्रेक्टर्स एसोशियेशन के बैनर तले बैठक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में रखी गई। जिसमें शासकीय नीतियों से हो रही दिक्कतों के संबंध में चर्चा कर आगे की रणनीति बनाई गई। बैठक में ठेकेदारो ने बताया कि प्रदेश के सभी निर्माण विभागों में काफी दिनों से विभिन्न समस्याओं को लेकर समय समय पर विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, परन्तु वर्तमान में विभागों में अलग-अलग एस. ओ. आर. लागू होने के कारण एवं विभागों के अलग-अलग नियमावली के कारण छत्तीसगढ़ राज्य के सभी ठेकेदार उलझे हुये है। और वर्तमान में निर्माण सामग्रियों की कीमतों में अत्याधिक मूल्य वृद्धि के कारण निर्माण कार्य करना मुश्किल हो गया है।  राज्य शासन से ठेकेदारो ने लो.नि.वि. जन संशाधन, प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, गामिण यांत्रिकी नगर निगम, नगर पालिकायें, गृह निर्माण मंडल, प्राधिकरण आदि में लागू एस. ओ. आर. एवं बाजार मूल्य वृद्धि के अंतर की राशि की मांग, लोक निर्माण विभाग में थर्ड पार्टी चेकिंग एवं इंजीनियर नियुक्ति के संबंध में विचार करने की मांग निर्माण विभागों में ऑनलाइन ई.एम.डी. एवं ए. पी. एस की राशि पूर्व की तरह एफ.डी.आर के रूप में जमा करायी जाये। लोक निर्माण विभाग में डिपाजिट हेड के निर्माण कार्यो में एस्क्लेशन पद्धति पूर्व की तरह लागू की जाये। 2017 जुलाई से लागू जी.एस.टी कर का भुगतान अभी तक लंबित है। जिसे वापस करने की मांग सभी निर्माण विभागों में लागू लघु मूल खनिज गौड़ रायल्टी अलग अलग जिलों में चार गुना पांच गुना वसूली का आदेश वापस लेने की मांग। जल संशाधन विभाग में लागू दस वर्ष की परफारमेस गारंटी पांच वर्ष करने की मांग। जल संसाधन विभाग में 2010 का एस.ओ. आर. लागू है|  उसे हटाकर नया एस.ओ आर लागू करने की मांग। सभी निर्माण विभागों में जी.एस.टी. टैक्स जोड़कर निविदायें आमंत्रित करने की मांग। सभी निर्माण विभागों में ऑन लाइन ई. एम. डी. एवं ए.पी.एस. की राशि छ: माह एक वर्ष तक वापस नहीं की जा रही है उसे वापस करने की मांग राज्य सरकार से ठेकेदारो ने की है। बैठक में धमतरी अध्यक्ष योगेश सोनी, प्रदीप अग्रवाल, जितेंद्र अग्रवाल,आलोक जाधव, शीतल खंडेलवाल, रिंकू मिश्रा, मितेश जैन,रमाशंकर अवस्थी, राकेश तिवारी, पिंटू अग्रवाल, किशोर जेशवाल, हनीश वाही, अशोक नाहर, राजा पवार, अंकित बरडिया, राजू पचौरी, मोहित दुग्गड़ सहित अन्य ठेकेदार उपस्थित थे।