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व्हाट्सऐप स्टेटस पर अभद्र टिप्पणी करना पड़ा भारी, बोराई पुलिस ने भेजा जेल

सरपंच, सचिव और ग्रामीणों के खिलाफ की थी आपत्तिजनक टिप्पणी; समझाइश के बाद भी विवाद की स्थिति पैदा करने पर हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

धमतरी। सोशल मीडिया के दुरुपयोग और उसके माध्यम से गांव का माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ धमतरी पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में बोराई पुलिस ने व्हाट्सऐप स्टेटस पर सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणों के संबंध में अभद्र टिप्पणी करने और विवाद की स्थिति उत्पन्न करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे जिला जेल भेज दिया।

मामला थाना बोराई क्षेत्र के ग्राम कसपुर का है। पुलिस के अनुसार 20 अगस्त 2026 को आरोपी उमेश्वर उर्फ उमेश कुमार चक्रधारी, पिता संतूराम चक्रधारी, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम कसपुर ने अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर ग्राम के सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणों के संबंध में अभद्र टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद गांव में विवाद एवं अशांति की स्थिति निर्मित होने की शिकायत पुलिस को मिली।

बताया गया कि पुलिस एवं ग्रामीणों द्वारा समझाइश दिए जाने के बावजूद आरोपी लड़ाई-झगड़े और मारपीट पर उतारू होने की स्थिति में था। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम कसपुर के सरपंच बोधन सिंह मरकाम ग्रामीणों के साथ थाना बोराई पहुंचे और पुलिस को शिकायत आवेदन सौंपा।

शिकायत पर बोराई पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी उमेश्वर उर्फ उमेश कुमार चक्रधारी को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आरोपी के विरुद्ध धारा 126 एवं 135(3) बीएनएसएस के तहत इस्तगासा तैयार कर उसे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, नगरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से आरोपी को जिला जेल धमतरी भेज दिया गया।

सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग की अपील

धमतरी पुलिस ने आम नागरिकों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी एवं कानूनसम्मत तरीके से उपयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया पर ऐसी कोई सामग्री पोस्ट, शेयर या प्रसारित न करें, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा प्रभावित हो, सामाजिक सौहार्द बिगड़े अथवा शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बने। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में परिस्थितियों एवं कानून के अनुरूप प्रभावी वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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