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विद्यालयों में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा कलेक्टर ने की प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक

बेहतर शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य – कलेक्टर ने स्कूल प्राचार्यों को दिए गुणवत्ता सुधार के निर्देश

धमतरी | जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज यहाँ कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने विद्यालयीन व्यवस्था, शिक्षकों की भूमिका, छात्रों की उपलब्धियों तथा संसाधनों की स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बैठक में कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि किसी भी विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्राचार्य और शिक्षकों की होती है। यदि शिक्षक मन से प्रयास करें, तो किसी भी विद्यालय को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से शासकीय हाई स्कूल सिंगपुर के प्राचार्य श्री चंद्रा द्वारा किए जा रहे नवाचारों और सामुदायिक सहयोग की सराहना करते हुए अन्य प्राचार्यों को भी ऐसे प्रयास करने की प्रेरणा दी। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कार्यरत शिक्षक यदि स्थानीय समुदाय को साथ लेकर कार्य करें, तो शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है। बैठक के दौरान कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिले के ऐसे स्कूलों की जानकारी ली जहां स्मार्ट बोर्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालयों से प्रस्ताव लेकर शासन को भेजा जाए ताकि तकनीकी शिक्षा के विस्तार में कोई रुकावट न हो। साथ ही उन्होंने पहले से उपलब्ध स्मार्ट बोर्डों की कार्यशील स्थिति की भी समीक्षा की। कलेक्टर श्री मिश्रा ने छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए मॉक टेस्ट की समय-सारणी तय करने, पालक-शिक्षक बैठक नियमित रूप से आयोजित करने, विद्यार्थियों के जाति एवं निवास प्रमाण पत्र की ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने गणेश एवं सरस्वती साइकिल योजना, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की और इनका लाभ विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचाने पर बल दिया। बैठक में “युक्तियुक्तकरण” के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण और उनकी नई पदस्थापना, पीएम श्री योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन स्कूलों के कार्य, मरम्मत कार्यों की प्रगति, अनुसूचित जनजाति उपयोजना, और नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की भी गहन समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि ये सभी योजनाएं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आधार स्तंभ हैं और इनका प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। इस बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री तर जगदल्ले, डीएमसी श्री भुवन जैन, श्री सूर्यवंशी, सभी विकासखंडों के बीईओ तथा जिले के समस्त शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों और प्राचार्यों ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अपने-अपने सुझाव भी साझा किए। जिला प्रशासन का यह प्रयास जिले की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैठक से प्राप्त दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से निश्चित ही छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा प्रदान की जा सकेगी।

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