वित्तीय समावेशन योजनाओं के संतृप्ति हेतु शंकरदाह ग्राम पंचायत में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा शिविर का आयोजन

6

धमतरी | वित्तीय समावेशन योजनाओं के संतृप्ति हेतु चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत शुक्रवार 12 सितंबर को बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा शंकरदाह ग्राम पंचायत में एक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में खाताधारकों के खातों की पुनः-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती रीनी अजीत एवं वित्तीय समावेशन और विकास विभाग, केंद्रीय कार्यालय, आरबीआई की प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती निशा नाम्बियार ने शिविर का अवलोकन कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापार प्रतिनिधियों और बैंक अधिकारियों से चर्चा करते हुए देय खातों के केवाईसी विवरण के पुनः सत्यापन की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही प्रतिभागियों को शिविर का उपयोग कर री-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु प्रोत्साहित किया, ताकि उन्हें निर्बाध रूप से बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलता रहे। प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक ने बैंकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और उपस्थित लोगों को री-केवाईसी के महत्व से अवगत कराया। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को भारतीय रिज़र्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना 2021 एवं दावा न की गई जमाराशियों की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम हेतु सुरक्षित आदतें अपनाने की सलाह भी साझा की गई। शिविर में शंकरदाह ग्राम पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आम जनता द्वारा उठाए गए प्रश्नों का विधिवत समाधान किया गया। इस अवसर पर एसबीआई, सीआरजीबी, पीएनबी, एचडीएफसी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रामीणों को पुनः केवाईसी प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया।