धमतरी| दीपावली के अवसर पर घरों को जगमग करने के लिए प्राचीन काल में प्रचलित मिट्टी के दीये का प्रयोग कर अपनी परंपरा व संस्कृति को कायम रखने की परंपरा निरंतर विलुप्त होते जा रही है, किंतु इसे संरक्षित व संवर्धित करने के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर निरंतर पहल की जा रही है | मिट्टी के दीये का उपयोग कर उसका निर्माण करने वाले कुम्हार समाज को आत्मनिर्भर बनाने के दृष्टिकोण से विधायक रंजना डीपेंद्र साहू ने बाजार पहुंचकर मिट्टी के दीये की खरीदी की तथा लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि मिट्टी का दीया वायुमंडल के प्रदूषण को समाप्त कर उसमें पवित्रता, स्वच्छता एवं शुद्धता का संचार करता है| हम गैर टिकाऊ चीजों का उपयोग कम कीमत 