Home Latest रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) में जलभराव 90 प्रतिशत, बाढ़ की संभावना को...

रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) में जलभराव 90 प्रतिशत, बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर

धमतरी | धमतरी जिले अंतर्गत स्थित रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बांध का पूर्ण जलभराव स्तर 348.70 मीटर है, जबकि आज जलस्तर 347.85 मीटर दर्ज किया गया है, जो अधिकतम स्तर से मात्र 0.85 मीटर कम है। इस प्रकार बांध की वर्तमान स्थिति 90 प्रतिशत जलभराव तक पहुँच चुकी है। कैचमेंट क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा के चलते बांध में प्रतिदिन औसतन 14 हजार क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है, जिसके कारण जलस्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है। आगामी कुछ दिनों में बांध शत-प्रतिशत भराव की स्थिति में पहुँच सकता है। यदि वर्षा की तीव्रता बनी रही, तो बांध के गेट खोलने की आवश्यकता हो सकती है। ऐसी स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में अचानक जलप्रवाह बढ़ने और बाढ़ की आशंका है।

प्रशासन ने दिए विशेष निर्देश कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों/कस्बों के निवासियों एवं पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की अग्रिम व्यवस्था करने कहा है। प्रभावित क्षेत्रों को शीघ्र खाली कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही, बांध के जलस्तर और गेट संचालन की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने कहा गया है। पड़ोसी जिलों व राज्यों को सूचना गंगरेल बांध का डाउनस्ट्रीम जलप्रवाह पड़ोसी जिलों रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ सहित ओडिशा राज्य के संबलपुर जिले से होकर गुजरता है। अतः संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी तत्काल सूचना भेजी गई है, ताकि वहाँ की प्रशासनिक तैयारियाँ सुनिश्चित की जा सकें। आपदा प्रबंधन एवं जनचेतावनी आपदा प्रबंधन दल, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है। संभावित बाढ़ की सूचना नागरिकों तक पहुँचाने के लिए , मोबाइल संदेश, समाचार पत्र, टीवी एवं रेडियो के माध्यम से जनचेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, गेट खोलने की स्थिति में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस बल द्वारा सुरक्षा घेरा और गश्त की विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जन-धन हानि से बचा जा सके।

Exit mobile version