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मोदी सरकार की मुनाफाखोरी नीति जनता पर भारी – कांग्रेस

धमतरी । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल की कीमतों में आयी 31 प्रतिशत गिरावट के बावजूद प्रदेश की जनता को पेट्रोल डीजल के दाम में राहत नहीं मिलने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शरद लोहाना, दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष मोहन लालवानी ने कि मोदी सरकार की नीति है गरीब जनता को घर मे बचत करने रखे गुल्लक तक लूटो और पूंजीपतियों की तिजोरी भरो इसलिये मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार 39 रु प्रति लीटर में कच्चा तेल खरीद कर देश की जनता को 102 रु लीटर में पेट्रोल और लगभग 100 रु लीटर में डीजल बेच रही है।
उन्होंने जारी बयान में कहा कि जबकि देश की जनता को पेट्रोल डीजल में कम से कम 18 रु प्रति लीटर का राहत मिलना चाहिये। पेट्रोल डीजल के दामों में कमी का असर हर सेक्टर में दिखेगा खाद्य सामग्री दवाइयां कपड़ा स्टेशनरी ट्रांसपोर्टिंग, यात्री भाड़ा, कंट्रक्शन कार्य, टायर, ट्यूब, मोटर पार्ट्स, कृषि यंत्र कीटनाशक रसायनिक खाद, कॉपी, पुस्तक, स्टेशनरी, दूध, दही, स्टील, सीमेंट, रेत, गिट्टी सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी होगी एवं कृषि लागत मूल्य में भी कमी होगी।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कहा कि पूरी जी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 39रु प्रति लीटर में मिल रहा है अब आप देश में पेट्रोल डीजल के महंगाई के लिए किस को जिम्मेदार ठहरायेंगे?कल तक आप पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार को जिम्मेदार ठहरा कर अपना पल्ला झाड़ लेते थे? आज देश की जनता को साफ साफ दिख रहा है देश के भीतर पेट्रोल डीजल महंगाई के लिए मात्र मोदी सरकार की मुनाफाखोरी की नीति जिम्मेदार है।

उन्होंने ने कहा कि मोदी सरकार की मुनाफाखोरी के नीतियों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में हुई 31 प्रतिशत कमी का लाभ पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है।बल्कि इसका फायदा मोदी सरकार के संरक्षण में अम्बानी की पेट्रोलियम कंपनी की तरह ही 12 तेल एवं गैस कंपनियों कंपनियां उठा रही है अभी दिसंबर में खत्म हुई तिमाही में ही तेल एवं गैस कंपनियों को 65100 करोड रुपए यानी इसके पहले तिमाही के रिकॉर्ड से 82 प्रतिशत के ज्यादा मुनाफा हुआ है। केंद्र सरकार भी पेट्रोल डीजल के महंगे दामों और मनमाने एक्ससाइज ड्यूटी लगाकर गरीब जनता के जेब 2022 में ही 8 लाख करोड़ रुपया निकाल चुकी है।

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