
धमतरी | धमतरी जिले के परखंदा ग्राम निवासी प्रगतिशील किसान साहिल साहू ने यह सिद्ध कर दिया है कि सुनियोजित खेती, मेहनत और सरकारी व्यवस्थाओं का सही लाभ लेकर खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है। साहिल साहू ने अपने 11 एकड़ खेत में उत्पादित धान को गाड़ाडीह उपार्जन केंद्र में बेचते हुए इस वर्ष कुल 231 क्विंटल धान का उपार्जन किया। साहिल साहू पिछले कई वर्षों से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस वर्ष धान खरीदी की व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर, पारदर्शी और किसान-हितैषी रही। उपार्जन केंद्र में समयबद्ध तौल, सुव्यवस्थित लाइन व्यवस्था, सहयोगी कर्मचारी और त्वरित प्रक्रिया से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। इससे न केवल समय की बचत हुई, बल्कि किसानों का भरोसा भी व्यवस्था पर और मजबूत हुआ है।
खेती के अनुभव साझा करते हुए साहिल साहू बताते हैं कि वे उन्नत बीजों का चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग और समय पर कृषि कार्यों को प्राथमिकता देते हैं। आधुनिक तकनीकों और कृषि विभाग से मिलने वाले मार्गदर्शन ने उनकी उपज और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया है। यही कारण है कि उनकी फसल बाजार में अच्छी कीमत प्राप्त कर रही है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग साहिल साहू बेहतर खेती-किसानी, पुराने कृषि ऋण की अदायगी तथा परिवार की जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। उनका मानना है कि आर्थिक स्थिरता से किसान न केवल अपनी खेती को आगे बढ़ा सकता है, बल्कि अपने परिवार को भी सुरक्षित भविष्य दे सकता है। साहिल साहू की यह सफलता कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह संदेश देती है कि सही योजना, परिश्रम और सरकारी योजनाओं के समुचित लाभ से खेती को समृद्धि का माध्यम बनाया जा सकता है।






