Home Latest मैत्री विहार के गरबा महोत्सव में प्रादेशिक वेशभूषा में गरबा

मैत्री विहार के गरबा महोत्सव में प्रादेशिक वेशभूषा में गरबा

नवरात्र पर्व स्वयं के भीतर के विकारो खत्म कर अच्छाई को ग्रहण करने का पर्व है – महेंद्र खण्डेलवाल

मुख्य अतिथि महेंद्र खण्डेलवाल ने कहा पं. राजेश शर्मा ने धमतरी में किया है धर्म की ध्वजा को और ऊंचा

धमतरी । नवरात्र की षष्टमी को देवी मंदिरों में माँ शक्ति के कात्यायनी स्वरूप की पूजा हुई, और मैत्री विहार के गरबा महोत्सव में प्रादेशिक वेशभूषा में गरबा खेला गया। गरबा प्रेमी अलग अलग प्रदेशो के लोक संस्कृति के अनुसार ड्रेसिंग कर के पहुँचे और माता की भक्ति में झूम कर नाचे। मैत्री गरबा महोत्सव के छठवें दिन के आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर भाजपा नेता महेंद्र खंडेलवाल मंच पर आसीन रहे वही देवेंद्र मिश्रा ने विशिष्ट अतिथि की भूमिका निभाई।

मुख्य अतिथि महेंद्र ने कहा कि पँ राजेश शर्मा ने धर्म के क्षेत्र जो काम किया है उस से धमतरी में धर्म की ध्वजा को नई ऊंचाई मिली है, पँ राजेश की पहले से धमतरी वासियों को शंकराचार्य जी महाराज के दर्शन और संवाद के अवसर मिले।  खण्डेलवाल ने कहा नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना और उपासना का पर्व है। पूरे नौ दिनो तक श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था से मां के नौ रूपो की आराधना करते है। नवरात्र पर्व स्वयं के भीतर के विकारो खत्म कर अच्छाई को ग्रहण करने का पर्व है। जिस प्रकार मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर जगत को पापो से मुक्त किया उसी प्रकार हम भी स्वयं के भीतर के महिषासुर का नाश कर जीवन सफल कर सकते है।

मां दुर्गा पूजा का यह त्यौहार हमारी एकता और आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करता है । इस पवित्र नवरात्रि में जो भी देवी मां की पूजा सच्चे मन से करता है माता रानी उनकी मनोकामना अवश्य पूरी करते है।

Exit mobile version