Home Latest महापौर की सूझबूझ से निगम के बचे 87 लाख, सड़क के लिए...

महापौर की सूझबूझ से निगम के बचे 87 लाख, सड़क के लिए जमीन की दान रजिस्ट्री निगम केपक्ष में संपादित हुई ।

धमतरी। महापौर रामू रोहरा की दूरदर्शी सोच और सूझबूझ से नगर निगम को न केवल 87 लाख रुपए के मुआवजे के भुगतान से राहत मिली, बल्कि सुभाष नगर की ओर आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता भी सुगम हो गया। रत्नाबांधा रोड स्थित सिन्हा समाज भवन के बाजू से गुजरने वाले मार्ग के लिए जमीन मालिक द्वारा अपनी भूमि नगर निगम को दान किए जाने से वर्षों से उपयोग में आ रहे रास्ते को अब व्यवस्थित रूप देने का रास्ता साफ हो गया है।
उल्लेखनीय है कि रत्नाबांधा रोड में सिन्हा समाज भवन के बाजू से आवाजाही के लिए नगर निगम द्वारा मुरम डालकर सड़क तैयार की गई थी। यह भूमि निजी स्वामित्व की थी। भूमि मालिक उरमाल मुंजवानी पिता सुखदेव मुंजवानी ने अपनी भूमि पर निगम द्वारा किए गए उपयोग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कब्जा हटाने अथवा भूमि का उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की थी। मामले में न्यायालय द्वारा नगर निगम को लगभग 87 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश दिए गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर रामू रोहरा ने सीधे भूमि मालिक मुंजवानी परिवार से संवाद किया। उन्होंने निगम पर पड़ने वाले आर्थिक भार के साथ-साथ शहर के हित और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आपसी सहमति और समझौते का रास्ता निकाला। महापौर की पहल पर मुंजवानी परिवार ने जनहित में अपनी भूमि नगर निगम को दान करने का निर्णय लिया।

इस निर्णय से एक ओर जहां नगर निगम को 87 लाख रुपए का भुगतान नहीं करना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर सुभाष नगर और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले नागरिकों को सुगम मार्ग उपलब्ध होगा। साथ ही भविष्य में इस मार्ग को व्यवस्थित सड़क के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।

महापौर रामू रोहरा ने मुंजवानी परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहर का विकास केवल सरकारी राशि से नहीं, बल्कि नागरिकों के सहयोग और जनभागीदारी से भी संभव होता है। मुंजवानी परिवार ने अपनी निजी भूमि जनहित में दान कर शहर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि निगम की राशि जनता की अमानत है और उसका सदुपयोग करना हमारी जिम्मेदारी है। यदि किसी समस्या का समाधान आपसी संवाद और सहमति से हो सकता है तो उससे निगम की राशि भी बचती है और जनता को सुविधा भी मिलती है।

महापौर ने कहा कि मुंजवानी परिवार का यह निर्णय धमतरी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग से निगम की बड़ी राशि बची है और शहर को एक उपयोगी मार्ग भी मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी शहर के विकास के लिए नागरिक इसी तरह सहयोग और जनभागीदारी की भावना के साथ आगे आएंगे।
87 लाख की बचत और जनहित में भूमि दान—महापौर की पहल से विकास और आर्थिक बचत, दोनों एक साथ संभव हुए हैं।

Exit mobile version