मई माह में हर शुक्रवार की रात 11 बजे से सोमवार की सुबह 06 बजे तक जिले में रहेगी पूरी तरह तालाबंदी
आवश्यक वस्तुओं के प्रतिष्ठान खुले रहेंगे
धमतरी। नोवेल कोरोना वायरस कोविद-19 के संक्रमण से बचाव के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रजत बंसल ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के तहत लागू की गई धारा 144 की समय-सीमा में वृद्धि करते हुए मई माह में हर शुक्रवार की रात 11 बजे से सोमवार की सुबह 06 बजे तक लागू किए जाने का आदेश पारित किया है। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। इनमें जिले में सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं, जिसमें निजी बसे, टैक्सी, आटोरिक्शा, बस, ई-रिक्शा, रिक्शा इत्यादि शामिल हैं, के परिचालन को तत्काल प्रभाव से बंद किया गया है। केवल आपातकाल मेडिकल सेवा वाले व्यक्ति को वाहन द्वारा आवागमन की अनुमति रहेगी। ऐसी निजी वाहन, जो इस आदेश के तहत आवश्यक वस्तुओं, सेवाओं के उत्पादन एवं उनके परिवहन का कार्य कर रहे हो, उन्हें भी अपवादिक स्थिति में तत्कालिक आवश्यकताओं को देखते हुए परिवहन की छूट रहेगी। आवश्यक सेवाएं प्रदाय करने वाले कार्यालय/प्रतिष्ठान को छोड़कर सभी दुकानें, कार्यालय, साप्ताहिक हाट-बाजार इत्यादि अपनी सम्पूर्ण गतिविधियों को बंद रखेगी।
प्रतिबंध से बाहर रखे गए प्रतिष्ठान/सेवाओं में कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित पदाधिकारी, कर्मी, स्वास्थ्य सेवाएं (जिसके तहत) सभी अस्पताल, मेडिकल काॅलेज, लाईसेंस प्राप्त पंजीकृत क्लीनिक, दवा दुकान, चश्मा की दुकान एवं दवा उत्पादन इकाई और संबंधित परिवहन शामिल है। साथ ही खाद्य आपूर्ति से संबंधित परिहवन सेवाएं, खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, दूध,

बताया गया है कि राज्य शासन द्वारा विशेष आदेश से निर्धारित सेवा जैसे-महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के कार्य पूर्ववत् कार्यरत रहेंगी। जिले के तहत स्थित सभी औद्योगिक संस्थान/ इकाईयों एवं खान (माईनिंग) को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। सभी औद्योगिक संस्थान/इकाईयों, जिन्हें उक्त प्रतिबंध से छूट प्रदाय की जा रही है, उनके लिए यह आवश्यक होगा कि वे न्यूनतम अनिवार्य आवश्यकता तक ही कर्मचारी/ अधिकारियों का उपयोग करेगी एवं संक्रमण विस्तार को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार, राज्य शासन तथा समय-समय पर अन्य संस्थानों के द्वारा महामारी से सुरक्षा के लिए दिए जा रहे निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे। साफ तौर पर कहा गया है कि आदेश का उल्लंघन किए जाने पर विधि के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।