Home Latest प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित

खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में असंगठित उद्योगों को अनुदान, ऋण सहायता के संबंध में दी गई जानकारी
धमतरी | जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के तत्वावधान में आज प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) पर आधारित एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन स्थानीय सिहावा चौक स्थित सामाजिक भवन में किया गया। इसके तहत खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में असंगठित उद्योगों को ऋण सहायता, अनुदान सहायता, विपणन, ब्राण्डिंग आदि की जानकारी दी गई।
स्थानीय जैन स्थानक भवन में आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं के द्वारा योजना के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान बताया गया कि योजनांतर्गत व्यक्तिगत निवेशकों, कृषक उत्पादक संगठनों, स्वसहायता समूहों को खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए पूंजीगत अनुदान दिया जाता है। यह भी बताया गया कि योजना के तहत उद्योग स्थापित करने पर अधिकतम 10 लाख रूपए की राशि में 35 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है, जिसमें लाभार्थी का अंशदान न्यूनतम 10 प्रतिशत होना अनिवार्य है। स्वसहायता समूहों को खाद्य प्रसंस्करण के लिए अधिकतम 40 हजार रूपए की प्रारम्भिक पूंजी प्रदाय की जाती है। इसी तरह कृषक उत्पादक संगठनों को भी 35 प्रतिशत की दर से पूंजीगत अनुदान का प्रावधान उक्त योजना के तहत किया गया है। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिले के स्वसहायता समूह की महिलाओं एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में परम्परागत रूप से कार्य करने वाले उद्यमियों से उक्त योजना का अधिकाधिक संख्या में लाभ उठाने की अपील करते हुए उद्यमिता के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की बात कही।

महाप्रबंधक उद्योग एसपी गोस्वामी ने बताया कि यह मात्र ऋण अनुदान योजना न होकर खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के संपूर्ण विकास का एक अनुक्रम है जिसके तहत डीआरपी (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन) की व्यवस्था की गई है, जो उद्यमियों की हरसंभव सहायता करते हैं। लीड बैंक मैनेजर प्रबीर रॉय ने बैंक वितरण में आने वाली कठिनाइयों के यथायोग्य निराकरण का आश्वासन दिया। इसके अलावा विभिन्न प्रवक्ताओं ने पीएमएफएमई के उद्देश्य और इसकी पात्रता आदि की सविस्तार जानकारी दी गई। कार्यशाला में सीएसआईडीसी के राज्य समन्वयकों के द्वारा पॉवर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना के नियम व शर्तों व विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक द्वारा श्रीमती रश्मि पवार को और यूनियन बैंक की ओर से विजय हिमनानी, बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा श्रीमती निर्मला देवी डागा और कल्लूराम पटेल आदि हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र सी.ई.ओ. जिला पंचायत के द्वारा प्रदान किया गया। कार्यशाला में विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के समूह, कृषक उत्पादक संगठक एवं एनजीओ के प्रतिनिधि सहित उद्यमीगण उपस्थित थे।

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