
पारंपरिक हाथों को मिला हुनर ग्राम कसपुर की विशेष पिछड़ी जनजाति कमार महिलाएं समूह से जुड़कर हुईं आत्मनिर्भर व सशक्त जल जगार महोत्सव 2024
धमतरी | विख्यात रविशंकर जलाशय क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण पर आधारित जल जगार महोत्सव आयोजित किया गया है, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई है। इनमें से एक है खादी ग्रामोद्योग का स्टॉल, जहां पर समूह की महिलाएं हैंडलूम के लिए सूत कातते नज़र आईं।
तीर कमान स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती मुनि बाई कमार ने बताया कि वह और उनके समूह की सभी महिलाएं पहले बांस से तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद जैसे झाड़ू, टोकरी, सूपा, बूटी, झेंझरी आदि तैयार करती थीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बिहान से जुड़ी और अन्य कमार महिलाओं को प्रेरित किया। इसके बाद समूह की 20 महिलाओं को हाथ करघा निगम के तहत सूत कातने का 80 दिन का प्रशिक्षण मिला। आज उनके समूह की सभी महिलाएं इस कार्य में सिद्ध हस्त हो गई हैं। समूह द्वारा आगे व्यापक स्तर पर विपणन करने की योजना है। विशेष पिछड़ी जनजाति कमार महिलाओं के जिन हाथों से पहले सिर्फ पारंपरिक वस्तुएं तैयार की जाती थीं, अब वही हाथ हुनरमंद होकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। वहीं विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का सशक्त जरिया मिल गया है। तीर कमान समूह की महिलाएं श्रीमती पूनम सोरी, कुलेश्वरी कमार, ईश्वरी बाई, मीता मरकाम ने बताया कि सही मायने में योजनाओं की जानकारी उन्हें समूह से जुड़ने के बाद मिली है।





