धमतरी जिले में 1.15 लाख से अधिक श्रमिकों का ई-KYC लंबित, 29,633 श्रमिकों के आवेदन प्राप्त
धमतरी । श्रमिकों के पंजीयन की जानकारी को अद्यतन करने तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम विभाग, जिला धमतरी द्वारा पंजीकृत निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों के ई-KYC का कार्य कराया जा रहा है। जिले में ऐसे 1,15,600 श्रमिक चिन्हांकित किए गए हैं, जिनका ई-KYC अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है। इनमें से 29,633 श्रमिकों के ई-KYC के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश
कलेक्टर, धमतरी ने श्रमिक पंजीयन कार्ड में ई-KYC की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपद पंचायतों एवं मैप किए गए च्वाइस सेंटर (CSC) संचालकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। जिले में अधिकाधिक च्वाइस सेंटर संचालकों को ई-KYC प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि श्रमिकों को अपने नजदीकी केंद्र पर यह सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके।
ई-KYC नहीं कराने पर योजनाओं का लाभ लेने में आ सकती है कठिनाई
श्रम विभाग के अनुसार, श्रमिक पंजीयन कार्ड में आवश्यक संशोधन एवं ई-KYC समय पर नहीं कराने से भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं के लिए आवेदन करने तथा उनका लाभ प्राप्त करने में तकनीकी कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सभी पंजीकृत निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों से अपील की गई है कि वे अंतिम समय तक प्रतीक्षा किए बिना शीघ्र अपना ई-KYC पूर्ण कराएं, ताकि पात्रता के अनुसार शासन की योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न हो।
इन दस्तावेजों के साथ पहुंचें CSC सेंटर
ई-KYC कराने के लिए श्रमिक अपने नजदीकी च्वाइस सेंटर (CSC) में आधार कार्ड की मूल प्रति तथा श्रमिक का सहमति पत्र लेकर उपस्थित हों। प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी तथा ई-हस्ताक्षर के लिए आवश्यक ओटीपी की जरूरत होगी। श्रमिक स्वयं उपस्थित रहकर संबंधित CSC संचालक के समक्ष ओटीपी उपलब्ध कराते हुए ई-KYC की प्रक्रिया पूर्ण कराएं।
श्रम विभाग ने सभी पंजीकृत श्रमिकों से आग्रह किया है कि वे अपने पंजीयन कार्ड में दर्ज जानकारी की जांच करें तथा आवश्यक संशोधन के साथ ई-KYC अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। इससे पंजीयन संबंधी अभिलेख अद्यतन रहेंगे और भविष्य में शासकीय योजनाओं के आवेदन एवं लाभ प्राप्त करने के दौरान होने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं से बचने में सहायता मिलेगी।