
धमतरी | नोएडा में निवास करने वाली मीनाक्षी जैन ने इस साल आयोजित प्रतिष्ठित वीजी मिस और मिसेज़ इंडिया प्रतियोगिता वी जी मिस इंडिया 2025 और छत्तीसगढ़ क्वीन का खिताब जीत कर उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर दिया है साथ ही उन्हें वीजी कमांडिंग प्रेजेंस और टैलेंट राउंड में अपनी कविता सुना कर वहाँ मौजूद सभी व्यक्ति को एक गंभीर विषय पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्हें टैलेंट राउंड का विनर भी घोषित किया गया जिसके लिए उन्हें वीजी द पावर परफॉर्मर का अवार्ड भी मिला छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़े इस सितारे ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर न केवल मंच पर, बल्कि देशभर में अपनी एक अनूठी पहचान बनाई है।
मीनाक्षी जैन ने प्रतियोगिता के दौरान मीनाक्षी ने अपने अद्वितीय प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। वीजी मिस इंडिया फिनेस २०२५ और छत्तीसगढ़ क्वीन २०२५ उपाधि के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ की शान को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया। जिसमें उनकी सुंदरता, शैली और आकर्षण ने सभी का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का रंगीन आयोजन
पूरे भारत से आई 36 खूबसूरत और प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसने रंगीन अंदाज में अपनी छाप छोड़ी। इस भव्य आयोजन में मनोरंजन के साथ-साथ प्रतिभाओं का भी अद्भुत संगम देखने को मिला। अभिनेता राहुल देव, IAS ज्योति कलश और आरुषि निशंक, जिन्हें कला और प्रदर्शन के क्षेत्र में अपनी पहचान हासिल है, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इनके उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और प्रतियोगिता को और भी शानदार बना दिया। विज़नारा ग्लोबल की फाउंडर मिसेज बिनीता श्रीवास्तव ने देश के कोने कोने से आई सभी प्रतियोगी महिलाओं की जम कर तारीफ की उनके हौसले और आत्मविश्वास को बहुत सराहा। सभी प्रतियोगी ४ दिनों तक चली प्रतियोगिता के समापन के बाद भाव विभोर हो गई थी और सभी ने विज़नारा ग्लोबल का शुक्रिया किया
छत्तीसगढ़ से जुड़े आत्मविश्वास की कहानी
मीनाक्षी जैन बालोद ज़िले के छोटे से गाँव संकरा बंगला की रहने वाली थी इन्होंने ने अपनी पूरी स्कूल और कॉलेज की शिक्षा छत्तीसगढ़ में प्राप्त की है और इसी मिट्टी की खुशबू को राष्ट्रीय मंच पर बिखेरा है। अपने गृह राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि जहाँ जड़ें गहरी हों, वहाँ सफलता की ऊँचाइयाँ भी सीमाहीन होती हैं। मीनाक्षी का यह सफर न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है जो अपने सपनों को सच करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
आने वाले कल के उजाले की ओर,
मीनाक्षी जैन की उपलब्धियाँ यह प्रमाणित करती हैं कि यदि मन में लगन, आत्मविश्वास और समर्पण हो तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। इस प्रतियोगिता में मिली जीत ने उन्हें एक नई पहचान दी है और उनके भविष्य के नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है। उनकी कहानी आने वाले कल के लिए आशा की किरण है, जो युवाओं को यह संदेश देती है कि सफलता का मार्ग हमेशा मेहनत और जुनून से होता है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह महिलाओं के लिए बहुत जल्दी एक कार्यक्रम लेकर आने वाली हैं जिससे कि जो महिलाएँ जीवन में कुछ करके दिखाना चाहती हैं उन्हें अवसर मिले। मीनाक्षी की इस उपलब्धि ने न केवल उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, बल्कि छत्तीसगढ़ का मान भी बढ़ाया है। उनकी चमकती हुई यात्रा आने वाले वर्षों में और भी नए मुकाम हासिल करने की ओर अग्रसर है।