धमतरी। धमतरी में रहने वाले सैकड़ो लोग रोजाना रायपुर आवागमन करते है, इसके अलावा बस्तर तथा आंधप्रदेश से आने वाले वाहन भी धमतरी होकर ही राजधानी रायपुर जाते है, इसलिए रोजाना छोटे-बड़े हजारों वाहनों का आवागमन होता है, पर सड़क की स्थिति देखे तो बेहद खराब है। राजधानी को जोड़ने वाले दोनों मार्ग की ही हालत ऐसी है कि महज डेढ़ घण्टे का सफर ही वाहन चालकों को बोझिल लगने लगा है।
पुराना धमतरी रोड के निर्माण की गति धीमी है तो नेशनल हाईवे में फोरलेन का निर्माण बन्द होना आफत साबित हो रहा है। विदित हो कि धमतरी से भखारा होकर भरेंगाभाठा सेजबहार से रायपुर जाने वाले मार्ग को पुराना रायपुर-धमतरी रोड के नाम से जाना जाता है। इस मार्ग में 287 करोड़ की लागत से सड़क चौड़ीकरण का कार्य होना है, जिसका शिलान्यास करीब साढ़े तीन माह पहले सीएम भूपेश बघेल ने किया। काम सेजबहार के पास से चालू भी हो गया पर निर्माण की गति बेहद धीमी है। 287 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट होने के बाद भी एक पार्ट में ही काम शुरू किया गया, जबकि एक पार्ट में सेजबहार के साथ, दूसरे पार्ट में भखारा तथा तीसरे पार्ट में धमतरी से काम शुरू करने पर जल्दी काम किया जा सकता है। अगर एक पार्ट में ही धीमी गति से यूंही निर्माण किया गया तो वर्षो लग जाएंगे। दूसरी ओर इस मार्ग में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है, चौड़ीकरण होना है इसलिए गड्ढों की मरम्मत नही हो रही और मार्ग में आए दिन हादसे हो रहे, जिसमे कई लोग अपनी जान गंवा चुके है, अगर यही हाल रहा तो कभी भी लोगो का आक्रोश भड़क सकता है। दूसरी ओर धमतरी को कुरूद, अभनपुर होकर राजधानी से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की स्थिति देखे तो वह भी बदतर है। मार्ग में गड्ढे खोदने के बाद ठेका कम्पनी ने निर्माण अधूरा छोड़ दिया, अब वह अधूरा कार्य किसी आफत से कम साबित नही हो रहा। करीब दो साल से लोग परेशान हो रहे, दर्जनों लोग भी हादसे का शिकार होकर अधूरे निर्माण की भेंट चढ़ गए। यह राहत की बात जरूर है कि काम फिर शुरू होने की उम्मीद जागी है।
रायपुर-धमतरी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 पर निर्माणाधीन फोरलेन का काम दोबारा इसी माह चालू हो सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और ठेका कंपनी द्वारा इसकी तैयारियां शुरू करने की खबर हैं. अधिकारियों की माने तो पुरानी ठेका कंपनी ही पुरानी दर पर इस फोरलेन सह बायपास का निर्माण करेगी। रभी शामिल है. कुल पहुंचने के बाद दूसरी कंपनी को फोरलेन के अधूरे कार्यों को पूरा करेगी. बताया गया है कि निर्माण की कुल लागत लगभग 660 करोड़ रुपए है, पहला हिस्सा रायपुर से कोड़ेबोड़ तक 33 किमी तथा दूसरा हिस्सा कोड़ेबोड़ से धमतरी तक 39 किमी का है। इसका ठेका हैदराबाद की एक कंपनी ने लिया। पहले हिस्से का काम करीब 23 फीसदी और दूसरे हिस्से का काम करीब 11 फीसदी कर कार्य बंद कर दिया। राजधानी के सफर को आसान बनाने वाले इस मार्ग का कार्य फिर शुरू होने का लोग इंतजार कर रहे है |