धमतरी जिले में 47 लाख रुपये के इनामी 09 हार्डकोर माओवादियों ने हथियारों सहित किया आत्मसमर्पण

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धमतरी l शासन द्वारा प्रतिबंधित संगठन उड़ीसा राज्य कमेटी के अंतर्गत धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन की नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस एवं गोबरा एलओएस के सक्रिय 09 हार्डकोर माओवादी, जिन पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था, ने  जिला धमतरी में अपने हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया।
लगातार धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बलों एवं सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों, दबाव तथा शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने हिंसा एवं विनाश का मार्ग त्यागते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पित माओवादियों का संक्षिप्त विवरण

ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा डीवीसीएम, सीतानदी एरिया कमेटी सचिव
उम्र – 28 वर्ष | इनाम – ₹8 लाख | हथियार – इंसास
ग्राम – पेद्दा कोरमा, जिला बीजापुर
कुल नक्सल अपराध – 07

उषा उर्फ बालम्मा
डीवीसीएम टेक्निकल (डीजीएन)
उम्र – 45 वर्ष | इनाम – ₹8 लाख | हथियार – इंसास
ग्राम – चंद्रावली, जिला मंचिराला (तेलंगाना)
कुल नक्सल अपराध – 02

रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु
पूर्व गोबरा एलओएस कमांडर / वर्तमान नगरी एसीएम
उम्र – 30 वर्ष | इनाम – ₹5 लाख | हथियार – एसएलआर
ग्राम – मरकागुड़ा, जिला बीजापुर
कुल नक्सल अपराध – 25

रोनी उर्फ उमा उर्फ चिन्नी हेमला
सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर
उम्र – 25 वर्ष | इनाम – ₹5 लाख | हथियार – कार्बाइन
कुल नक्सल अपराध – 16

निरंजन उर्फ पोदिया
एससीएम टेक्निकल (डीजीएन)
उम्र – 25 वर्ष | इनाम – ₹5 लाख | हथियार – एसएलआर
कुल नक्सल अपराध – 02

सिंधु उर्फ सोमड़ी
एसीएम
उम्र – 25 वर्ष | इनाम – ₹5 लाख | हथियार – भरमार
कुल नक्सल अपराध – 01

रीना उर्फ चिरो
एसीएम, सीनापाली एरिया कमेटी / एलजीएस
उम्र – 25 वर्ष | इनाम – ₹5 लाख
कुल नक्सल अपराध – 16

अमीला उर्फ सन्नी
एसीएम / मैनपुर एलजीएस
उम्र – 25 वर्ष | इनाम – ₹5 लाख
कुल नक्सल अपराध – 03

लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती
(उषा की बॉडीगार्ड)
उम्र – 18 वर्ष | इनाम – ₹1 लाख
कुल नक्सल अपराध – 01

समर्पित हथियार एवं सामग्री
इंसास रायफल – 02
एसएलआर रायफल – 02
कार्बाइन – 01
भरमार बंदूक – 01
मैगजीन – 09
राउंड – 67
रेडियो सेट (वॉकी-टॉकी) एवं अन्य दैनिक उपयोगी सामग्री

रायपुर रेंज आई जी अमरेश मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया  की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत समर्पण करने पर पद अनुरूप ईनाम राशि की सुविधा, हथियार के साथ समर्पण करने पर ईनाम राशि की सुविधा, बीमार होने पर स्वास्थ्य सुविधा, आवास की सुविधा, रोजगार की सुविधा को देखते हुये इनके कई माओवादी साथी (अजय, भूमिका, टिकेश, प्रमीला इत्यादि)

आत्मसमर्पण कर शासन के इन्ही योजनाओं का लाभ उठा रहे है, जिसके बारे में इन लोगो को पोस्टर, बैनर / पाम्प्लेट तथा आत्मसमर्पित नक्सलियो के हाथों से लिखी गयी अपील व स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से संदेश दिया जाता था, इसके अतिरिक्त दूरदराज के नक्सल प्रभावित गांवो में लगातार सिविक एक्शन के तहत युवाओं में खेल प्रतियोगिता करायी जा रही थी। धमतरी पुलिस द्वारा जंगल-गांवों में प्रचारित समर्पण नीति के पोस्टर-पाम्पलेट मिलते थे, जिससे इनके मन में विचार आया कि ये लोग क्यों जंगल में पशुओं की तरह दर-दर भटक रहे है। माओवादियों की खोखली हो चुकी विचारधारा, जंगल की परेशानियां, शासन की पुनर्वास नीति तथा आत्मसमर्पित साथियों के खुशहाल जीवन से प्रभावित होकर ये लोग भी अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिताने के लिए आत्मसर्मपण के मार्ग को अपनाये है।

नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस तथा गोबरा एलओएस के सक्रिय 09 नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में धमतरी पुलिस के अधिकारियों के अतिरिक्त धमतरी डीआरजी, राज्य बलों एवं केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों का विशेष योगदान रहा है।

आत्मसमर्पण का कारण
माओवादियों की खोखली होती विचारधारा, जंगलों में कठिन जीवन, शासन की प्रभावी पुनर्वास नीति, तथा पूर्व में आत्मसमर्पित साथियों के सुखद एवं सुरक्षित जीवन से प्रेरित होकर इन माओवादियों ने अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने हेतु आत्मसमर्पण का मार्ग अपनाया।
प्रशासन की भूमिका
इन 09 हार्डकोर माओवादियों के आत्मसमर्पण में धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य पुलिस बल एवं केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शासन की आत्मसमर्पण–पुनर्वास नीति के अंतर्गत इन्हें नियमानुसार सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।