तपती धूप में सेवा की शीतल छांव—भारतीय जैन संघटना, धमतरी की मठा सेवा

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साढ़े तीन घंटे चली सेवा, सैकड़ों राहगीरों को मिला शीतल मठा | सूर्या लुंकड़—सेवा ही हमारा धर्म

धमतरी | भीषण गर्मी के बीच सेवा और संवेदनशीलता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए भारतीय जैन संघटना, धमतरी द्वारा रत्नाबांधा रोड के किनारे शीतल मठा सेवा का आयोजन किया गया। यह सेवा लगभग साढ़े तीन घंटे तक निरंतर संचालित हुई, जिसमें सैकड़ों राहगीरों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नवकार मंत्र के जाप के साथ हुई, तत्पश्चात मठा पिलाने की सेवा प्रारंभ की गई। इस सेवा कार्य में स्टेट प्रोग्राम हेड श्रीमती सूर्या लुंकड़, संरक्षक श्रीमती सरला पारेख, अध्यक्ष एडवोकेट श्रीमती संगीता गोलछा, उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा चोपड़ा, कोषाध्यक्ष श्रीमती शिमला पारेख सहित श्रीमती राजकुमारी पारेख, श्रीमती गौरी लोढ़ा, श्रीमती शशि गोलछा, श्रीमती अपेक्षा लोढ़ा, श्रीमती मनीषा लोढ़ा, श्रीमती रूपाली मिन्नी, डॉ. सरिता दोशी एवं आनंद जैस ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान पुदीना एवं मसालों से युक्त शीतल एवं स्वादिष्ट मठा राहगीरों को पिलाया गया, जिससे उन्हें भीषण गर्मी में राहत मिली। पैदल चलने वाले, साइकिल एवं मोटरसाइकिल सवारों के साथ-साथ बस, कार, ट्रैक्टर एवं ऑटो चालकों ने भी अपनी गाड़ियां रोककर इस सेवा का लाभ लिया और अन्य सवारियों को भी मठा पिलवाया। कई राहगीरों ने इस सेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मठा पीकर मन को ठंडक और शरीर को नई ऊर्जा का अनुभव हुआ। श्रीमती सूर्या लुंकड़ ने कहा कि भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुँचाना केवल एक सेवा नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। भारतीय जैन संघटना सदैव मानवता की सेवा के लिए तत्पर रहती है। हम सभी मिलकर ऐसे कार्य करते रहेंगे, जिससे जरूरतमंदों को समय पर सहयोग मिल सके और समाज में सेवा एवं संवेदना की भावना निरंतर बनी रहे। संरक्षक श्रीमती सरला पारेख ने कहा कि गर्मी के इस कठिन समय में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाना ही सच्ची सेवा है और ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। अध्यक्ष एडवोकेट श्रीमती संगीता गोलछा ने सभी सदस्यों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की एकजुटता और सेवा भावना ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ जनहित के कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे।